हरिद्वार नहर बंद होने से टीएचए में गंगाजल की आपूर्ति बाधित
साहिबाबाद। अपर गंगा कैनाल (हरिद्वार नहर) बंद होने के चलते शनिवार को सिद्धार्थ विहार और प्रताप विहार प्लांट में गंगाजल कम मात्रा में प्राप्त हुआ। इससे वैशाली और वसुंधरा के कुछ इलाकों में गंगाजल नहीं मिला। प्लांट के अधिकारियों को नहर बंद होने की लिखित सूचना नहीं दी गई। प्लांट अधिकारी नहर को अस्थायी तौर पर बंद करने या वार्षिक सफाई कराने का अनुमान लगा रहे हैं। इससे गाजियाबाद और नोएडा में अगले 24 घंटे गंगाजल की किल्लत हो सकती है।
हर साल दशहरे और दीपावली के बीच गंगनहर की सिल्ट सफाई कराई जाती है। छठ पूजा के आसपास गंगाजल की आपूर्ति सुचारु हो जाती है। इससे सिद्धार्थ विहार और प्रताप विहार को करीब एक माह तक मिलने वाला गंगाजल प्रभावित होता है। इसके लिए प्लांट अधिकारियों को लिखित सूचना दी जाती है लेकिन शुक्रवार रात को अपर गंगा कैनाल को बंद कर दिया गया। इससे गाजियाबाद प्लांट के बैराज में पानी का स्तर घट गया। प्लांट अधिकारियों के फोन करने पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने अपर गंगा कैनाल बंद होने की जानकारी दी। नहर को बंद और चालू करने के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। ऐसे में अधिकारी कयास लगा रहे हैं कि लगातार हो रही बारिश के चलते पानी का स्तर बढ़ने पर नहर को बंद किया गया हो। प्लांट अधिकारियों के पास वार्षिक सफाई को लेकर बंद करने की सूचना नहीं मिली है। रविवार को नहर नहीं खोले जाने पर शाम को प्लांट से गंगाजल आपूर्ति कराने में दिक्कत हो सकती है। इससे गाजियाबाद में नगर निगम और जीडीए अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था से पानी आपूर्ति करानी पड़ सकती है।
150 क्यूसेक मिलता है पानी
प्रोजेक्ट अधिकारियों ने बताया कि सिद्धार्थ विहार व प्रताप विहार को गंगनहर से करीब 150 क्यूसेक गंगाजल मिलता है। इसमें से करीब 50 क्यूसेक नगर निगम गाजियाबाद व जीडीए को दिया जाता है जबकि 100 क्यूसेक नोएडा को दिया जाता है। गंगाजल को गंगनहर के बराबर में बने बैराज में स्टोर किया जाता है। इससे हर दिन गंगाजल प्राप्ति के आधार पर आगे आपूर्ति की जाती है। गंगाजल प्रोजेक्ट मैनेजर उन्मेश शुक्ला ने बताया कि अपर गंगा कैनाल के बंद होने से बैराज में पानी का लेवल घट गया। नहर को बंद करने के बारे में कोई लिखित सूचना नहीं मिली है। आगे भी नहर के बंद रहने से गंगाजल आपूर्ति कराना प्रभावित हो सकता है।