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एमएमजी में डेंगू-चिकनगुनिया और संयुक्त में टाइफाइड की जांच बंद

सार

एमएमजी में डेंगू-चिकनगुनिया और संयुक्त में टाइफाइड की जांच बंदगाजियाबाद।एमएमजी स्थित आईडीएसपी लैब की छत टूटने की वजह से डेंगू की जांच बंद है तो वहीं संयुक्त अस्पताल में केमिकल ना होने की वजह से टाइफाइड की जांच बंद है।जांच केमूल्य अस्पताल और लैब पर निर्भर करता है।
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एमएमजी में डेंगू-चिकनगुनिया और संयुक्त में टाइफाइड की जांच बंद
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गाजियाबाद। एमएमजी स्थित आईडीएसपी लैब की छत टूटने की वजह से डेंगू की जांच बंद है तो वहीं संयुक्त अस्पताल में केमिकल ना होने की वजह से टाइफाइड की जांच बंद है। डेंगू केजहां रोजाना चार से पांच नए मरीज आ रहे हैं। वहीं, टाइफाइड केभी रोजाना आठ से 10 मरीज आ रहे हैं।
संक्रामक रोग विभाग की आईडीएसपी लैब की छत का हिस्सा एक हफ्ते के अंदर दो बार टूटकर गिरने के बाद से स्टाफ दहशत में है। एक हफ्ते बाद अब लैब को दूसरे भवन में शिफ्ट किया जा रहा है। पिछले दो दिनों से डेंगू की जांच प्रभावित थी और अगले दो दिन और काम प्रभावित रहेगा। लैब में दो कमरे बने हैं जिसमें से मुख्य स्थान पर पैथोलॉजिस्ट बैठती हैं और वहीं डेंगू-चिकनगुनिया सहित पानी के सैंपल की जांच की जाती है। दूसरे कमरे में अन्य स्टाफ बैठता है। 10 दिन पहले लैब के एक कमरे की छत से लिंटर और सरिया टूटकर गिरा था और शनिवार को जिस कमरे में जांच होती है वहां की छत का हिस्सा टूटकर गिर गया। है। गंभीर मरीजों की जांच रैपिड किट से की जा रही है। लैब में रैपिट किट का स्टाक भी लगभग समाप्त है।
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15 दिनों से टायफॉयड की जांच बंद
संयुक्त जिला अस्पताल स्थित लैब में पिछले 15 दिनों से टायफॉयड की जांच बंद है। कर्मचारियों का कहना है कि केमिकल नहीं आ रहे हैं जिसकी वजह से जांच नहीं हो पा रही है। मरीजों को या तो निजी लैब में जांच करानी पड़ रही है या लक्षणों के आधार पर मरीजों का इलाज चल रहा है। यह लैब भी पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों तक लैब में रिजेंट ना होने की वजह से लिपिड प्रोफाइल, शुगर की जांच भी नहीं हो पा रही थी। सीएमएस डॉ. विनोद पांडेय ने बताया कि केमिकल की डिमांड भेजी गई है जल्द आने की संभावना है।
पिछले 10 दिनों से इंक्यूबेटर खराब
इसी लैब में पानी के सैंपल की जांच की जांच भी की जाती है लेकिन पानी के सैंपल को स्टोर करके रखने वाला इंक्यूबेटर पिछले 15 दिनों से खराब पड़ा है। इंक्यूबेटर का दरवाजा पूरी तरह टूटकर निकल गया है। इसमें पानी के सैंपल को 35-37 डिग्री तापमान में रखा जाता है जिससे कि सैंपल खराब ना हों।
पुराना भवन होने के कारण लगातार छत से टूटकर ईंटे गिरने की समस्या आ रही है। उसको दूसरे भवन में शिफ्ट करके मरम्मत कराया जा रहा है। - डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
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दिन डेंगू के मरीज
12 सितंबर ---- 08
11 सितंबर ------ 04
10 सितंबर ------ 06
09 सितंबर ------ 07
08 सितंबर ----- 02
07 सितंबर ------ 07
06 सितंबर ----- 04
(अभी तक कुल डेंगू के मरीज 86 )
निजी लैब में जांच की कीमत
निजी लैब में एलाइजा डेंगू की जांच कम से कम 1800 से लेकर अधिकतम 3000 हजार तक में होती है। जांच केमूल्य अस्पताल और लैब पर निर्भर करता है। यही जांच सरकारी में मुफ्त में की जाती है। वहीं टाइफाइड की जांच अगर केमिकल से हो तो 250 रुपये और कार्ड से किया जाए तो लगभग 800 रुपये में होती है।
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