रिपोर्ट दर्ज की दो दिन बाद...शासन ने पूछा तो खुलासे में लगीं पांच टीमें
गाजियाबाद। विधायक की मां से कुंडल लूट की एफआईआर दर्ज करने में देरी पर शासन ने रिपोर्ट तलब की तो एसएसपी ने वारदात के खुलासे के लिए पांच टीमें लगा दीं। पुलिस ने एफआईआर वारदात के दो दिन बाद दर्ज की थी। इसके बाद दो दिन और बीत जाने पर भी पुलिस बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। खुलासे में लगाई गई टीमें सोमवार को मौका ए वारदात के आसपास के सीसीटीवी फुटेज ही खंगालती रहीं। इनमें बदमाश नजर नहीं आए।
बुलंदशहर सदर सीट से भाजपा के विधायक प्रदीप चौधरी की मां संतोष देवी से कुंडल लूट की घटना नौ सितंबर की सुबह विजय नगर में देहली पब्लिक स्कूल के पास हुई थी। कुंडल लूटने के दौरान बदमाशों ने संतोष देवी के कानों में चाकू से कट भी मारे थे। तहरीर मिलने के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट 11 को दर्ज की थी। वह भी एसएसपी के पास विधायक का फोन आ जाने के बाद। शासन ने सोमवार को इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।
अफसरों को बताना है कि रिपोर्ट दर्ज करने में देरी क्यों हुई और घटना के खुलासे के लिए क्या कार्रवाई की गई?। इसके बाद एसएसपी मुनिराज जी. ने एसपी सिटी और एसपी क्राइम के नेतृत्व में एक-एक टीम लगा दी। साथ ही क्राइम ब्रांच, थाना पुलिस और सर्विलांस की एक-एक टीम गठित कर दी।
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि टीमें लुटेरों का पता लगाने में लग गई हैं। उधर, एसपी सिटी ने विजय नगर थाना के प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र मलिक से एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी पर रविवार को रिपोर्ट तलब की। सोमवार तक एसपी सिटी कार्यालय में यह रिपोर्ट नहीं पहुंची। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रताप विहार पुलिस चौकी के एक दरोगा ने जानकारी होने पर भी मामला दबाए रखा।
सपा ने किया ट्वीट
विधायक की मां से लूट की घटना पर समाजवादी पार्टी की ओर से ट्वीट किया गया। इसमें लिखा है, विधायक का परिवार का ये हाल, आम जनता का कौन करे ख्याल?, भाजपा की सरकार में जन सुरक्षा की ये कैसी स्थिति, जब विधायक के परिवार ही असुरक्षित तो आमजन का क्या होगा? लूटपाट से दहल रहा यूपी, योगी सरकार नाकाम।