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45 लाख का नलकूप लगाया, 15 दिन भी पानी न मिल पाया

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45 लाख का नलकूप लगाया, 15 दिन भी पानी न मिल पाया
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गाजियाबाद। नगर निगम ने जल निगम से 45 लाख में नलकूप लगवाया, लेकिन इससे लोगों को 15 दिन भी पानी नहीं मिल पाया। निगम अधिकारियों ने अच्छी गुणवत्ता का दावा कर जल निगम को नलकूप लगाने के लिए 45 लाख की रकम दी थी, जबकि नगर निगम के ठेकेदार इसे 35 लाख में लगाने के लिए तैयार थे। नेहरू नगर सेकेंड के ए-ब्लॉक पार्क में लगाया गया यह नलकूप अब करीब दो माह से बंद पड़ा है।
नगर निगम के जलकल विभाग ने 15वें वित्त आयोग के फंड से 10 नलकूप लगाने का कांट्रेक्ट जल निगम की मेरठ इकाई को दिया था। इन 10 नलकूपों को लगाने के लिए नगर निगम ने करीब 1.04 करोड़ रुपये ज्यादा का भुगतान किया था। भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने इसका विरोध भी किया था, लेकिन निगम अधिकारियों और महापौर ने इस विरोध को दरकिनार कर जल निगम को ठेका दिला दिया था। करीब ढाई माह पहले जल निगम ने नेहरू नगर सेकेंड के पार्क में लगाए गए इस नलकूप को चालू किया था, लेकिन तीन-चार दिन बाद ही इससे रेत आना शुरू हो गया। घरों में दूषित पानी की सप्लाई हुई तो लोगों ने विरोध किया। नगर निगम के अधिकारियों ने इसका निरीक्षण कर जल निगम के अधिकारियों से इसे ठीक कराने को कहा तो चार-पांच दिन की मशक्कत के बाद भी इसे ठीक नहीं कर पाए। अब करीब दो माह से यह नलकूप ठप है। इससे पानी की सप्लाई नहीं मिल रही।
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जिसे खराब बताया था, उसी से फिर शुरू की सप्लाई
नगर निगम के अधिकारियों ने नेहरू नगर सेकेंड के पार्क में लगे पुराने नलकूप को खराब बताया था। इसकी एवज में ही जल निगम से दूसरा नलकूप लगवाया गया था। अब नया नलकूप फेल हो जाने के कारण नगर निगम ने पुराने नलकूप को फिर से चालू कर दिया। 30 एचपी क्षमता के इस बोरिंग में 10 एचपी की मोटर डालकर कॉलोनी में पानी की आपूर्ति दी जा रही है, लेकिन लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
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जल निगम के अधिकारियों को नलकूप को चालू कराने के लिए कहा गया है। उन्होंने 30 एचपी की बजाय 20 एचपी की मोटर डालकर नलकूप को चालू कराने की बात कही है। पानी में रेत आने का कारण ज्यादा क्षमता की मोटर लगाए जाने को बताया गया है। अब 20 एचपी की मोटर डालकर नलकूप को चालू कराया जाएगा। नलकूप सही नहीं हुआ तो जल निगम को पत्र भेजकर अवगत कराया जाएगा। - आनंद त्रिपाठी, महाप्रबंधक नगर निगम
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