शहर में एक चौथाई जगहों पर पीने के लायक नहीं मिला पानी
गाजियाबाद। शहर में एक चौथाई जगहों पर पानी पीने के योग्य नहीं है। इन स्थानों में कॉलोनी, स्कूल, ढाबे, होटल और पार्क शामिल हैं। यह चिंताजनक रिपोर्ट पानी के छह महीने के नमूनों की जांच की है। 317 में से 85 यानी एक चौथाई से ज्यादा फेल हो गए हैं। इससे पहले 2021 में पानी में पेचिश (उल्टी-दस्त) का बैक्टीरिया मिल चुका है।
ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि जनवरी से मार्च तक लिए गए नमूनों में 20 आरओ प्लांट का पानी दूषित मिला। सीएमओ ने इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी है। इसके बाद अप्रैल से जून तक होटल, ढाबे और रेस्तरां के 30 नमूने फेल हुए हैं।
इन सभी के फूड लाइसेंस निरस्त किए जाने की संस्तुति खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) से की गई है। जिला संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि दूषित पानी मिलने पर कार्रवाई के लिए नगर निगम, खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन को पत्र भेजने के साथ संबंधित को नोटिस जारी किया गया है। प्रताप विहार, मिर्जापुर, अकबरपुर बहरामपुर, बागू, सुदामापुरी, नंदग्राम, हिंडन विहार, विजय नगर, अर्थला, राहुल विहार, पप्पू कालोनी, राजीव गार्डन और वसुंधरा में पानी के नमूने ज्यादा फेल हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए नमूनों का विवरण
माह कुल नमूने पास फेल
जून 29 23 06
मई 64 50 14
अप्रैल 88 55 33
मार्च 86 59 27
फरवरी 37 34 03
जनवरी 13 11 02
बढ़ रहे टाइफाइड के मरीज
भीषण गर्मी और दूषित पानी के कारण इन दिनों टाइफाइड के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। एमएमजी अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज पहुंच रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अरविंद डोगरा का कहना है कि दूषित जल एवं भोजन के साथ सालमोनेला टाइफी बैक्टीरिया आंत में पहुंचकर लोगों को टाइफाइड का शिकार बना रहा है।