छात्र की मौत के मामले में परिचालक को मिली जमानत
गाजियाबाद। मोदीनगर में स्कूल बस से घर जाते समय बच्चे का सिर गेट से टकरा जाने पर हुई मौत के मामले में पुलिस की अधूरी जांच का लाभ बस परिचालक को मिल गया। जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र सिन्हा की अदालत ने उसे जमानत दे दी। चालक की जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए अदालत ने 13 जुलाई की तारीख लगाई है।
मोदीनगर में 20 अप्रैल को दयावती मोदी कालेज में चौथी कक्षा के 11 वर्षीय छात्र अनुराग भारद्वाज स्कूल बस से घर जा रहा था। बस के हापुड़ मार्ग पर पहुंचने के बाद अचानक अनुराग को उल्टी शुरू हो गई। इसके बाद अनुराग खिड़की से मुंह बाहर निकालकर उल्टी करने लगा। इसी दौरान चालक ने मोदीपुर पुलिस चौकी के सामने से स्कूल की ओर जाने वाले मार्ग की तरफ बस मोड़ दी थी। जैसे ही बस मोड़ी तो छात्र का सिर कालोनी के गेट से टकरा गया था। सिर लगते ही छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। सूरत सिटी कालोनी निवासी बच्चे के पिता नितिन भारद्वाज ने मोदीनगर थाने में बस चालक ओमवीर और परिचालक जयपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में दोनों आरोपियों के अधिवक्ता ने सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत अर्जी पर बहस की। अदालत ने सुनवाई के बाद परिचालक जयपाल की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा था।
बच्चे की मौत के बाद मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा था। मामले में डीएम ने जांच बैठा दी है। एडीएम प्रशासन और एसपी देहात की टीम मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में स्कूल प्रबंधक का नाम भी खोल दिया गया है। अभी भी मामले की जांच चल रही है। परिजनों का कहना है कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने से बच रही है। इसी मामले में एआरटीओ विश्वजीत सिंह को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सतीश कुमार, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रेम कुमार को भी शासन ने निलंबित कर दिया था।