रैपिड रेल: आनंदविहार से वैशाली तक पहली भूमिगत सुरंग की खोदाई शुरू
गाजियाबाद। रैपिड रेल की आनंदविहार से वैशाली तक दो किमी लंबी पहली सुरंग (टनल) की खोदाई का काम सोमवार को शुरू हो गया। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के इंजीनियरों और कर्मचारियों की टीम की देखरेख में 90 मीटर लंबी विशालकाय टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) सुदर्शन ने भूमिगत गड्ढे (शाफ्ट) में सुरंग बनाने का काम शुरू किया। पहली सुरंग की खोदाई का कार्य सितंबर तक पूरा होने की संभावना है। वहीं, आनंद विहार से वैशाली तक दूसरी सुरंग की खोदाई का कार्य अगस्त तक शुरू होगा।
जुलाई माह से दूसरी टीबीएम को आपस में जोड़ने (असेम्बल) करने का कार्य शुरू होगा। 82 किमी लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर में सबसे पहले रैपिड रेल गाजियाबाद में दौड़ेगी। मार्च 2023 में शुरू होने वाले साहिबाबाद से दुहाई प्राथमिकता खंड में सिविल संबंधी निर्माण कार्य आखिरी चरण में चल रहा है। दूसरे चरण में दुहाई से मेरठ दक्षिण तक अक्तूबर 2023 में रैपिड रेल दौड़ेगी। वर्तमान में एनसीआरटीसी ने आनंद विहार में जिस सुरंग का कार्य शुरू किया है, उस खंड साहिबाबाद से दिल्ली के सराय काले खां तक रैपिड रेल जून 2024 में चलेगी।
आनंद विहार में भूमिगत स्टेशन
एनसीआरटीसी की ओर से वैशाली से नई दिल्ली के न्यू अशोकनगर तक पांच किमी लंबी भूमिगत सुरंग बनाई जा रही है। लेकिन पांच किमी में सिर्फ आनंद विहार में भूमिगत रैपिड रेल स्टेशन होगा। 82 किमी लंबे कॉरिडोर में 14 किमी हिस्सा दिल्ली और 68 किमी हिस्सा उत्तर प्रदेश में आता है। आनंद विहार भूमिगत स्टेशन के बाद गाजियाबाद की ओर साहिबाबाद और दिल्ली की ओर न्यू अशोकनगर पहला रैपिड रेल स्टेशन होगा।
कोट
समानांतर बनेंगी दोनों सुरंग
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि आनंद विहार से दिल्ली न्यूअशोकनगर की तरह आनंद विहार से साहिबाबाद की ओर दो समानांतर सुरंग का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। आनंद विहार से साहिबाबाद की ओर आने वाली सुरंग वैशाली मेट्रो स्टेशन के सामने समाप्त होगी।