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पार्किंग शुल्क का नहीं बढ़ेगा बोझ, टेंडर होगा निरस्त

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पार्किंग शुल्क का नहीं बढ़ेगा बोझ, टेंडर होगा निरस्त
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गाजियाबाद। शहर के वाहन मालिकों पर पार्किंग शुल्क का बोझ भी नहीं बढ़ेगा। पार्किंग का शुल्क पांच गुना तक बढ़ाकर 10 साल के लिए पूरे शहर का ठेका एक फर्म को देने के अधिकारियों के प्रस्ताव को नगर निगम बोर्ड ने नामंजूर कर दिया। बोर्ड ने अधिकारियों की ओर से जारी किया गया टेंडर भी निरस्त करने का आदेश दिया है।
इससे पहले नगर निगम अधिकारियों ने बजट बैठक में पार्किंग के इस प्रस्ताव को पेश किया था, लेकिन चर्चा नहीं हुई। मंगलवार को बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई तो पार्षदों ने विरोध कर दिया। इस प्रस्ताव में पक्ष और विपक्ष दोनों के पार्षदों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि नगर निगम अधिकारियों को अगर पार्किंग का ठेका देना ही है तो हर जोन में अलग-अलग फर्मों को दे और 10 साल की बजाय सिर्फ दो साल के लिए दिया जाए। उन्होंने पार्किंग शुल्क की दरों को पांच गुना तक बढ़ाए जाने पर भी बड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पार्किंग संचालक को नो पार्किंग से वाहन जब्त करने और जुर्माना वसूलने का अधिकार किसी भी सूरत में नहीं देंगे। इस पर अधिकारी राजी नहीं हुए। इसके बाद बोर्ड ने नगर निगम की सदन की स्वीकृति के बिना जारी किए गए पार्किंग ठेके के टेंडर को निरस्त कर दिया।
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11 गुना नहीं, दुकानों का किराया 10 फीसदी बढ़ेगा
नगर निगम बोर्ड बैठक में पार्षदों ने निगम अधिकारियों को दुकानों का किराया 11 गुना तक बढ़ाए जाने के प्रस्ताव पर भी घेरा। डीएम सर्किल रेट के आधार पर तय किए गए किराये के प्रस्ताव पर पक्ष और विपक्ष के पार्षद दो फाड़ हो गए। विपक्षी दलों के पार्षदों के साथ-साथ भाजपा पार्षद सुनील यादव ने किराया बढ़ाने का समर्थन किया। दूसरी तरफ, भाजपा पार्षद राजीव शर्मा ने और उनके समर्थन में राजेंद्र त्यागी ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। भाजपा पार्षदों का कहना था कि सर्किल रेट के आधार पर दुकानों का किराया बढ़ाया जाना न्याय संगत नहीं है। जब सर्किल रेट पर गृहकर ही लागू नहीं किया गया तो किराया कैसे लागू किया जा सकता है। पार्षदों ने किराएदारों से प्रीमियम का बोझ डालने का भी विरोध किया। इस पर विपक्षी पार्षदों ने हंगामा किया और प्रस्ताव पास कराने के लिए एकजुट हो गए। विपक्षी पार्षद भाजपाइयों का विरोध कर मेयर की टेबल के पास पहुंच गए। उन्होंने कहा कि भाजपा पार्षद सदन को बंधक बनाने का प्रयास कर रहे हैं। महापौर ने सभी पार्षदों को शांत कराया। भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने इस प्रस्ताव का रूप बदलकर फिलहाल दुकानों का किराया पांच फीसदी सालाना की दर से बढ़ाकर तय करने की बात कही। बाद में इसे बढ़ाकर 10 फीसदी कर दिया गया। इसके साथ ही दुकानों का नामांतरण कराने पर तीन लाख रुपये शुल्क जमा करना होगा।
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