मासूम से छेड़छाड़ व दुष्कर्म का प्रयास करने वाले ट्यूटर को सात वर्ष कारावास
गाजियाबाद। गुरु-शिष्य के संबंधों को तार-तार करने वाले ट्यूटर को 10 वर्षीय मासूम से छेड़छाड़ और दुष्कर्म का प्रयास करने के मामले में सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी की हरकतों की साक्ष्य के रूप में एकत्र करने के लिए मासूम के पिता ने घर में सीसीटीवी लगवा दिया था। पाक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद विश्वकर्मा ने आरोप को गंभीर मानते हुए सजा सुनाने के बाद अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाने का आदेश दिया।
सहायक लोक अभियोजक हरीश कुमार ने बताया कि लोनी क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार के बेटे और बेटी को घर पर ट्यूशन पढ़ाने के लिए सतपाल आता था। सतपाल ट्यूशन पढ़ाते समय मासूम के भाई को काम पर लगा देता था, कभी किसी काम से बाहर भेज देता था। इस दौरान अकेली पाकर पीड़िता के साथ छेड़छाड़ करता था। कई बार दुष्कर्म करने का प्रयास करता था, बच्ची को डराता था कि अगर किसी को बताया तो बहुत पिटाई करेगा। सतपाल की इन हरकतों से बच्ची गुमसुम और चुप रहने लगी। बच्ची के व्यवहार में बदलाव देखकर उसकी मां को शक हुआ, बेटी से पूछा तब उसने बताया की सतपाल उसके साथ गलत काम करने का प्रयास करता है। इसके बाद बच्ची के पिता ने कमरे में सीसीटीवी लगा दिया। रिकार्डिंग एकत्र करने के बाद बच्ची की मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद लोनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, पुलिस ने साक्ष्य के आधार पर उसे जेल भेज दिया था।