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पांच करोड़ के ईको पार्क में नाले से दे रहे पौधों को पानी

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पांच करोड़ के ईको पार्क में नाले से दे रहे पौधों को पानी
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गाजियाबाद। नगर निगम का उद्यान विभाग नए पार्कों को विकसित कराने पर मोटी रकम खर्च कर रहा है, लेकिन पूर्व में विकसित हो चुके पार्क को नहीं संभाल रहा। 10 साल पहले पांच करोड़ रुपये खर्च कर साईं उपवन के पीछे विकसित किए गए हिंडन ईको पार्क में दो नलकूप एक साल से खराब हैं। नगर निगम अधिकारी पांच लाख का नलकूप लगवाने की बजाय अब पास में बह रहे नाले के पानी से पौधों की सिंचाई करा रहे हैं। केमिकल वाले नाले के पानी से छोटे पौधे सूख गए हैं।
कचरे के ढेर का निस्तारण कराकर नगर निगम ने 2012 में पांच करोड़ की लागत से इस पार्क का निर्माण कराया था। यहां महंगे पौधे, घास, बेंच, सोलर लाइटें, स्ट्रीट लाइटें, फव्वारे, जनरेटर लगाए गए थे। इसी पार्क के एक हिस्से में पितृ पर्वत भी बनाया गया था, जहां लोग अपने पूर्वजों की याद में पौधे लगाते थे। अधिकारियों की बेरुखी और रैपिड रेल के निर्माण ने इस पार्क को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। पार्क की सिंचाई के लिए लगाए गए एक नलकूप पर रैपिड रेल का पिलर खड़ा कर दिया गया है और दूसरे पर मिट्टी डाल कर दबा दिया गया है। अब पार्क की सिंचाई के लिए पानी का इंतजाम नहीं हो पा रहा है।
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सोलर लाइटें हो गईं चोरी, जनरेटर खराब
पार्क में लगाई गईं खूबसूरत सोलर लाइटें चोरी हो चुकी हैं। अब पोल तो खड़े हैं, लेकिन इन पर न तो लाइटें बची हैं और न ही बैटरी। फव्वारे के नोजल तक चोरी हो गए हैं और हौद टूट चुकी है। पार्क की लाइटें जलाने के लिए यहां जेनरेटर लगाया गया था, लेकिन रखरखाव न होने की वजह से यह खराब हो चुका है।
संपर्क मार्ग भी खस्ताहाल
नगर निगम अधिकारियों ने इस पार्क से मुंह मोड़ा तो इसका संपर्क मार्ग भी बदहाल हो गया है। रैपिड रेल के निर्माण की वजह से मार्ग खोद दिया गया है, लेकिन न तो एनसीआरटीसी ने इसकी भरपाई की और न ही नगर निगम ने इसका पुनर्निर्माण कराया। अब संपर्क मार्ग पर भी कचरे के ढेर लगे हैं।
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एनसीआरटीसी से कराई जाएगी भरपाई
एनसीआरटीसी से नलकूपों को लगाने के लिए पैसा लिया जाएगा। तब तक यहां पार्क की सिंचाई के लिए नया नलकूप लगवाया जाएगा। नाले के पानी को शोधित करने के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की योजना है। इसी शोधित पानी से पार्क की सिंचाई कराई जाएगी।
महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त
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