दो महीने और खिसका चिपियाना आरओबी का काम
गाजियाबाद। एनएच-9 पर निर्माणाधीन चिपियाना आरओबी अब दो महीने और आगे खिसक गया। अभी तक आरओबी के लिए बनाए गए एशिया के सबसे भारी 2385 टन वजनी गर्डर को भी लांच नहीं किया गया है। अब एनएचएआई जून में इसकी लांचिंग करेगा। इसके लांच हो जाने के बाद सड़क निर्माण पूरा करने में करीब डेढ़ माह लगेगा। यानी जुलाई से पहले इस पर वाहन नहीं दौड़ पाएंगे। ऐसे में एनएच-9 पर सफर करने वाले वाहन चालकों को अभी जाम से निजात नहीं मिलेगी।
आठ माह में एनएचएआई ने इस आरओबी का निर्माण पूरा करने के लिए कई बार तारीख बदली। बीते दिनों एनएचएआई अधिकारियों ने मई में इसका निर्माण पूरा कर वाहनों का आवागमन शुरू करने का दावा किया था। 30 मीटर चौड़े और 74 मीटर लंबे इस गर्डर को अप्रैल में ही तैयार कर लिया गया था लेकिन अभी तक इसकी लांचिंग नहीं की गई है। इस भारी भरकम गर्डर को पिलर पर रखने के लिए एनएचएआई को रेल ट्रैफिक और पावर ब्लॉक लेना है। अभी तक रेलवे की ओर से ब्लॉक की तारीख तय नहीं है।
संकरा है एनएच-9, लगता है जाम
दिल्ली से लालकुआं की ओर आने वाले मार्ग पर बन रहे इस आरओबी का निर्माण पूरा न होने की वजह से एनएच-9 पर रोजाना जाम लगता है। दिल्ली की ओर से चिपियाना तक लेन पर आने वाला ट्रैफिक यहां आकर दो लेन में सिमट जाता है। इसकी वजह से यहां मार्ग संकरा हो जाता है।खासतौर से सुबह और शाम वाहनों की संख्या बढ़ने से यहां लंबा जाम लगता है। आरओबी के पूरा होने पर यहां यातायात सामान्य हो पाएगा।
अधिकारी बोले
गर्डर को बनाकर तैयार कर लिया गया है। इसकी लांचिंग की तैयारी की जा रही है। जून में रेल ब्लॉक मिलने के बाद इसे लांच कर दिया जाएगा। इसके बाद इस पर सड़क निर्माण और स्ट्रीट लाइट लगाने का काम किया जाएगा। उम्मीद है कि जुलाई में इस पर वाहन दौड़ने लगेंगे। - अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचएआई