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सरकारी के नाम पर की नौकरी, अब दे रहे इस्तीफा

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सरकारी के नाम पर की नौकरी, अब दे रहे इस्तीफा
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गाजियाबाद। गांवों में मिनी सचिवालयों के लिए पंचायत सहायक के पद पर युवाओं ने धड़ाधड़ आवेदन किए। पंचायत सहायक के लिए योग्यता 10वीं या 12वीं थी लेकिन स्नातक और परास्नातक, एमबीए यहां तक की गोल्ड मेडलिस्ट और यूपीएससी की तैयारी करने वालों तक ने आवेदन कर नौकरी पाई। अब 20 पंचायत सहायकों ने इस्तीफा दे दिया है और कई नौकरी छोड़ने की कतार में हैं। 161 ग्राम पंचायतों में से अभी भी 28 पद खाली हैं।
सरकारी नौकरी के लालच में युवाओं ने पहले पंचायत सहायक पद पर आवेदन कर नौकरी तो पा ली, लेकिन अब छह हजार वेतन और आठ घंटे की नौकरी के दबाव में कुछ महीनों नौकरी करने के बाद अधिकतर नौकरी छोड़ रहे हैं। जिले के 133 ग्राम पंचायत में सहायक अभी तैनात हैं और पिछले चार पांच महीनों में 20 पंचायत सहायकों ने नौकरी छोड़ दी है। इसके अलावा आठ पंचायतों में कोई आवेदन ना आने की वजह से अभी तक तैनाती नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि नौकरी छोड़ने वाले युवाओं में ऐसे लोग शामिल हैं, जिसमें या तो किसी की दूसरी नौकरी लग गई है या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए समय नहीं मिल पा रहा है।
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44 गांवों में परास्नातक, एमबीए और स्नातक तैनात
पंचायत सहायक के लिए 153 ग्राम पंचायतों में भर्ती हुई थी। इसके लिए योग्यता दसवीं पास थी लेकिन एक भी दसवीं पास के आवेदन नहीं आए। 109 गांवों में इंटरमीडिएट पास तैनात हैं तो 41 गांव में स्नातक सहित अतिरिक्त योग्यता जैसे कंप्यूटर, डिजाइनिंग आदि की योग्यता वाले युवा कार्य कर रहे हैं। तीन पदों पर परास्नातक और एमबीए तैनात हुए थे।
सबसे अधिक भोजपुर में हैं डिग्रीधारी
भोजपुर ब्लाक में सबसे अधिक स्नातक और परास्नातक तैनात हैं। यहां 47 पदों में से 16 पर स्नातक और परास्नातक तैनात हैं। इसके अलावा मुरादनगर ब्लॉक में 48 पदों में से 12 पर परास्नातक-स्नातक हैं। रजापुर ब्लाक में 34 में से 10 में स्नातक व परास्नातक और बाकी इंटर पास हैं। लोनी ब्लाक में 32 में से छह पदों पर स्नातक नौकरी कर रहे हैं।
पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी भी
गांव कादराबाद में तैनात नंदिता ने बताया कि मैं अभी एमबीए की पढ़ाई कर रही हूं। घर के पास नौकरी थी तो ज्वाइन कर लिया है। पढ़ाई और काम दोनों कर रही हूं। इससे कुछ व्यावहारिक ज्ञान भी मिलेगा। अभी तो नौकरी करूंगी, आगे देखते हैं क्या होता है।
एमएसी में मिला गोल्ड मेडल
पंचायत मिलकपुर चाकरपुर में तैनात हिमंाशु ने बताया कि 2019 में सीसीएसयू यूनिवर्सिटी से एमएमसी में गोल्ड मेडल मिला है। अभी वह यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। गांव में ही नौकरी मिल रही थी तो ज्वाइन कर लिया।
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नई नियुक्ति का नहीं आया आदेश
डीपीआरओ प्रदीप कुमार ने बताया कि जनपद में पंचायत सहायक के कुल 28 पद खाली हैं। इसमें 20 लोगों ने नई नौकरी मिलने व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कम समय मिलने के चलते कार्य छोड़ दिया है। अभी शासन से इन रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए कोई आदेश नहीं आया है।
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