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पांच और बच्चे कोरोना संक्रमित, 12 मरीज मिले

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पांच और बच्चे कोरोना संक्रमित, 12 मरीज मिले
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गाजियाबाद। स्कूलों में कोरोना संक्रमण के मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। बुधवार को दो स्कूल में पांच छात्र संक्रमित मिले। एक दिन में कुल 12 नए मामले सामने आए। संक्रमितों में नौ और 11 साल के दो बच्चे, 15 और 17 साल के तीन किशोर शामिल हैं। संक्रमितों में पांच 21 से 40 साल की उम्र के हैं। दो संक्रमितों की उम्र 60 साल से अधिक है।
जिन छात्रों को टीका नहीं लगा उन्हें सर्दी, खांसी और बुखार हुआ है। टीका लगवाने वाले पांच लोगों में कोई लक्षण नहीं हैं। रिपोर्ट के अनुसार अब तक 21 छात्रों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें गाजियाबाद के सात छात्र और एक अध्यापिका शामिल हैं। जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 35 हो गई है।
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स्कूलों में संक्रमण बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गाइडलाइन जारी कर स्कूलों में हेल्प डेस्क बनाने, सामाजिक दूरी, मास्क और सैनिटाइजेशन कराने का निर्देश दिया है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने कहा कि अगर किसी स्कूल में कोई छात्र संक्रमित मिलता है तो उस कक्षा को 24 घंटे के लिए बंद कर सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। इसके साथ ही संपर्क में आए सभी लोगों की जांच की जाएगी।
संक्रमण फैलने पर नोटिस जारी
स्कूलों में संक्रमण फैलने का कारण लापरवाही मानते हुए सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी कर कहा है कि स्कूलों में कोरोना जांच और टीकाकरण तेज कराया जाए। सीएमओ और जिला सर्विलांस अधिकारी ने सभी सरकारी विभागों और स्कूलों को नोटिस भेजकर कोरोना से बचाव संबंधी उपाय लागू करने को कहा है। सभी स्कूलों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है। नोडल अधिकारी स्कूलों में कोरोना से बचाव के उपाय को लागू कराने के साथ उनकी समीक्षा भी करेंगे। किसी भी स्कूल में कोई बच्चा संक्रमित होता है, तो तत्काल उसकी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे बच्चों का उपचार शुरू करने के साथ सैनिटाइजेशन की कार्रवाई की जा सके।
लगातार बढ़ रहे संक्रमित, नहीं बनाए जा रहे कंटेनमेंट जोन
31 मार्च को महामारी एक्ट को निष्प्रभावी कर दिया गया था। इसके बाद कोरोना प्रोटोकॉल संबंधी सभी पाबंदियां समाप्त हो गई थीं। स्कूलों में बच्चे लगातार कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन महामारी एक्ट खत्म होने के कारण स्वास्थ्य विभाग स्कूल या संक्रमित बच्चों के घर को कंटेनमेंट जोन नहीं बना सकता। इस मामले में जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने कहा कि विभाग की ओर से सभी स्कूलों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही विभाग जांच, पहचान और इलाज पर ध्यान दे रहा है, जिससे कि संक्रमण फैलने से रोका जा सके। जिस कक्षा का बच्चा कोरोना संक्रमित पाया जा रहा है, उस कक्षा में पढ़ने वाले सभी बच्चों और शिक्षिकाओं की जांच की जा रही है। यदि स्कूल प्रबंधन चाहता है कि स्कूल में पढ़ने वाले सभी बच्चों की जांच की जाए तो विभाग जांच शिविर लगाने के लिए तैयार है।
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बच्चों की हाजिरी लगाने और स्कूल छोड़ने पर हुए संक्रमित
वसुंधरा स्थित एक स्कूल में 11 बच्चे संक्रमित हुए थे। उस कक्षा में प्रतिदिन हाजिरी लेने वाली शिक्षिका संक्रमित हुए थी। उसी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को स्कूल छोड़ने गए माता पिता के अलावा छात्रा के दादा भी संक्रमित हुए हैं।
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