फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाहन के रुके बगैर ही टोल की वसूली

विज्ञापन
विज्ञापन
वाहन के रुके बगैर ही टोल की वसूली
विज्ञापन

गाजियाबाद। सालभर मुफ्त के सफर के बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार सुबह आठ बजे से नई तकनीक के साथ टोल वसूली शुरू हो गई। इस तकनीक में वाहन के रुके बिना ही फास्टैग से टोल वसूल लिया गया। टोल चुकाने के लिए रफ्तार भी कम नहीं करनी पड़ी। एक्सप्रेसवे पर लगाए गए ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकगनिशन (एएनपीआर) कैमरों की मदद से टोल वसूला गया। इस तकनीक को फास्टैग बेस्ड मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम नाम दिया गया है। इसे भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) से जोड़ा गया है।
फिलहाल इसकी शुरुआत डासना से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों के लिए की गई है। यहां टोल प्लाजा शुरू नहीं किया गया है। बिना रुके टोल वसूली के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से एक्सप्रेसवे पर उच्च क्षमता के कैमरे लगाए गए हैं। 100 से अधिक की रफ्तार होने पर भी कैमरों की जद में सभी वाहन आ जाते हैं। हालांकि, काशीपुर (मेरठ) के मुख्य टोल प्लाजा पर सुविधा के शुरू होने में एक सप्ताह लग सकता है। इसलिए डासना से मेरठ की ओर जाने वाले वाहनों को टोल प्लाजा पर रुककर फास्टैग के जरिए टोल चुकाना पड़ रहा है। भोजपुर, रसूलपुर, सिकरोड टोल प्लाजा पर भी वाहनों के रुकने पर फास्टैग से टोल वसूला जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पर्याप्त बैलेंस रखें, नहीं तो दोगुना भुगतान करना पड़ेगा
एक्सप्रेसवे पर बगैर वाहनों के रुके टोल वसूली की शुरुआत हो गई है। अगर किसी व्यक्ति के फास्टैग में बैलेंस कम होता है तो उसे दोगुना भुगतान करना पड़ेगा। एनपीआर कैमरों की मदद से वाहन के प्रवेश और निकास का स्थान तय किया जाएगा और फिर नंबर प्लेट से मालिक का पता लगाकर उसके नाम चालान भेजा जाएगा - अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें