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दौराला में ट्रेन में आग लगने से देहरादून जनशताब्दी समेत कई ट्रेनें हुईं लेट

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दौराला में ट्रेन में आग लगने से देहरादून जनशताब्दी समेत कई ट्रेनें हुईं लेट
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गाजियाबाद। दौराला में सहारनपुर-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन में आग लगने से गाजियाबाद-मेरठ रेल रूट करीब चार घंटे बंद रहा। गाजियाबाद और मेरठ की ओर से ट्रेनों को आगे रवाना नहीं किया गया। इसकी वजह से देहरादून से दिल्ली जाने वाली देहरादून जनशताब्दी समेत कई अन्य ट्रेनों को रास्ते में रोका गया। गाजियाबाद स्टेशन पर वह देरी से पहुंचीं। आग लगने की वजह से रद्द हुई सहारनपुर पैसेंजर की जगह शालीमार एक्सप्रेस को मेरठ से दिल्ली तक पैसेंजर बनाकर चलाया गया।
शनिवार सुबह सहारनपुर से दिल्ली लौट रही पैसेंजर ट्रेन संख्या-04460 में आग लगने से इस रूट का रेल ट्रैफिक बाधित हो गया। इस ट्रेन को यही रद्द कर दिया गया। आग बुझाकर ट्रेन को पटरी से हटाने में करीब चार घंटे लग गए। जलीं बोगियों को हटाकर रेलवे की तकनीकी टीम ने ट्रैक और ओएचई का निरीक्षण किया। उनकी ओर से ट्रैक को फिट करार दिए जाने के बाद दोबारा ट्रेनों का संचालन शुरू हो पाया। इसकी वजह से सुबह 10:20 बजे गाजियाबाद पहुंचने वाली देहरादून-नई दिल्ली जनशताब्दी एक्सप्रेस दोपहर 12:46 बजे पुराना स्टेशन पहुंची। स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने बताया कि उत्कल एक्सप्रेस दो घंटे की देरी से दोपहर 1:22 बजे, सुपर एक्सप्रेस एक घंटे की देरी से दोपहर 1:05 बजे और शालीमार एक्सप्रेस करीब 4 घंटे की देरी से दोपहर 2:18 बजे गाजियाबाद स्टेशन पर पहुंचीं। दो मिनट के स्टॉपेज के बाद इन ट्रेनों को दिल्ली के लिए रवाना किया गया। वहीं गाजियाबाद की ओर से देहरादून शताब्दी और अहमदाबाद मेल को अपने निर्धारित समय पर मेरठ की ओर रवाना कर दिया गया था।
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दैनिक यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी
सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ और मोदीनगर क्षेत्र से रोजाना करीब 20 हजार से ज्यादा दैनिक यात्री गाजियाबाद और दिल्ली जाते हैं। शनिवार को मेरठ रूट चार घंटे बाधित रहने की वजह से ट्रेनें जहां-तहां खड़ी कर दी गईं। इसकी वजह से दैनिक यात्री और नौकरी पेशा लोग समय से ड्यूटी पर नहीं पहुंच पाए। अधिकांश यात्रियों ने ट्रेनों की बजाय बसों से सफर किया। वहीं, शालीमार एक्सप्रेस को पैसेंजर ट्रेन में तब्दील कर चलाए जाने से इसमें सफर कर रहे यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। वह चार घंटे की देरी से गाजियाबाद पहुंचे।
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