फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं पहुंची वैक्सीन, बिना लगवाए लौटे लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
नहीं पहुंची वैक्सीन, बिना लगवाए लौटे लोग
विज्ञापन

गाजियाबाद। कोरोना की रोकथाम को वैक्सीन से जुड़े सरकारी दावे धरातल पर फेल साबित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग वैक्सीन होने का दावा कर रहा है, लेकिन सामान्य दिनों में 97 केंद्रों पर चलने वाला वैक्सीनेशन का काम अब महज दो केंद्रों तक सिमट गया है। शनिवार को वैक्सीन पहुंचनी थी, लेकिन जिले को मिली नहीं। जिला एमएलजी अस्पताल और डासना सीएचसी पर कोरोना वैक्सीनेशन हुआ, लेकिन वो भी कुछ घंटों में बंद कर दिया। वैक्सीन खत्म हुई तो दोपहर डेढ़ बजे एमएमजी में वैक्सीनेशन का पंजीकरण बंद कर दिया। घंटों लाइन में लगने के बाद भी वैक्सीन नहीं लग पाने पर नाराज लोगों को घर लौटना पड़ा। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि रविवार तक जिले को वैक्सीन की 80 हजार डोज मिल जाएंगी।
शुक्रवार को जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा था कि पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है और पूरी क्षमता के साथ वैक्सीनेशन के काम को आगे बढ़ाया जा रहा है लेकिन अगले ही दिन यानी शनिवार को स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन खत्म हो गई। जबकि विभाग ने पहले से दावा किया कि वैक्सीन की चार हजार डोज उपलब्ध है, लेकिन उसके बाद भी बीच में ही काउंटर बंद कर दिए गए। लाइन में खड़े लोगों को स्टाफ ने जानकारी दी कि अब रविवार को ही रजिस्ट्रेशन के बाद वैक्सीन लग पाएगी। एमएमजी अस्पताल में लाइन के अंदर खड़े लोगों ने कहा कि हमारे पास ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन है लेकिन मेडिकल स्टॉफ ने कहा कि हम यहीं पर पंजीकरण कर रहे हैं।
विज्ञापन

------------------------
केंद्रों पर नहीं पर्याप्त इंतजाम
टीकाकरण कराने पहुंच रहे लोगों को बदइंतजामी का भी सामना करना पड़ा रहा है। पहले पंजीकरण कराने के लिए लाइन में लगने पड़ रहा है। उसके बाद टीकाकरण के लिए लंबी लाइन में लग रहे हैं। बिना सोशल डिस्टेंसिंग के बीच लोगों को घंटो तक लाइन में खड़े होकर इंतजार करना पड़ा रहा है। उसके बाद भी गारंटी नहीं है कि जब तक नंबर आएगा तब तक वैक्सीन रहेगी या नहीं। शनिवार को घंटों लाइन में लगने के बाद बड़ी संख्या में लोगों को एमएमजी से वापस लौटना पड़ा।
---------------------------
अगर संदिग्ध मरीज तो करानी होगी आरटीपीसीआर जांच
वैक्सीन कराने पहुंच रहे कुछ लोगों को यह कहकर लौटाया जा रहा है कि वो आरटीपीआर जांच कराए। खासकर संदिग्ध मरीजों के लिए आरटीपीसीआर जांच कराना अनिवार्य है। इससे भी लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सामान्य तौर पर व्यवस्था है कि अगर कोई मरीज कोरोना पॉजिटिव आ जाता है तो फिर उसे निगेटिव रिपोर्ट आने के करीब 40 दिन बाद जांच करानी चाहिए। अचानक से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण संदिग्ध मरीजों को आरटीपीसीआर जांच के लिए लौटाया जा रहा है।
------------------
शनिवार को सीमित संख्या में वैक्सीन सीमित संख्या में उपलब्ध थी, लेकिन अब हमें 80 हजार डोज लखनऊ से मिल गई हैं जो रविवार सुबह तक सभी सरकारी और निजी केंद्रों को उपलब्ध करा दी जाएगी। - डॉ. एनके गुप्ता, सीएमओ
------------------
नोएडा से मां के टीकाकरण के लिए आई थी। मैंने टीकाकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद मुझे तीन बजे का टाइम स्लॉट मिला। यहां आने पर ऑनलाइन आवेदन को मानने से चिकित्सकों ने मना कर दिया। इसलिए मुझे वापस लौटना पड़ा। - गीतिका चतुर्वेदी
----
टीकाकरण कराने के लिए यहां आई थी। यहां पंजीकरण से अब मना कर रहे हैं। इससे पहले विजयनगर स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर भी वैक्सीन न होने से टीकाकरण के लिए मना कर दिया। घंटों के इंतजार के बाद भी टीका नहीं लगा। - इंदिरा
विज्ञापन

----
मैं शास्त्रीनगर से जिला एमएमजी अस्पताल में आया हूं। इससे पहले संयुक्त अस्पताल गया थ। वहां भी वैक्सीन न होने की बात कहकर मना कर दिया गया। पिछले एक घंटे से अपना नंबर आने का इंतजार कर रहा हूं। - मनोज
----
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें