फर्जी दस्तावेजों से लिया ग्रीन
बेल्ट का ठेका, कंपनी पर केस
गाजियाबाद। वर्धांत कंस्ट्रक्शन कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीडीए से ग्रीन बेल्ट के रखरखाव का ठेका ले लिया। हैरत यह है कि जीडीए अधिकारियों को धोखा देकर कंपनी दो साल तक ठेका चलाती रही। बाद में दस्तावेज फर्जी होने की सूचना पर पड़ताल हुई तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया। जीडीए के सहायक उद्यान अधिकारी की तहरीर पर सिहानी गेट पुलिस ने कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
सिहानी गेट एसएचओ कृष्ण गोपाल शर्मा ने बताया कि जीडीए के सहायक उद्यान अधिकारी शशि कुमार भारती ने वर्धांत कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। आरोप है कि कंपनी ने फर्जी दस्तावेज लगाकर ग्रीन बेल्ट के रखरखाव का ठेका लिया था। दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक वर्धांत कंस्ट्रक्शन कंपनी ने हापुड़ रोड और हापुड़ चुंगी से संजयनगर आरओबी तक ग्रीन बेल्ट में लगाई गई ग्रीनरी के रखरखाव का तीन साल का ठेका लिया था। ठेका लेते वक्त कंपनी की ओर से औपचारिक दस्तावेज लगाए गए थे। करीब दो साल बाद पता चला कि कंपनी द्वारा लगाए गए दस्तावेज फर्जी हैं। जीडीए अधिकारियों के निर्देश पर दस्तावेजों की जांच हुई तो वह फर्जी निकले। इसके बाद कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की संस्तुति की गई थी।
कंपनी के अन्य ठेकों पर भी चलेगा चाबुक
वर्धांत कंपनी का फर्जीवाड़ा सामने आने पर जीडीए ने अपने स्तर से जांच बैठा दी है। बताया गया कि कंपनी द्वारा और कौन-कौन से ठेके पूर्व में लिए गए हैं या वर्तमान में कौन-कौन से ठेके चल रहे हैं, उसकी लिस्ट भी बनाई जा रही है। एसएचओ सिहानी गेट कृष्ण गोपाल शर्मा का कहना है कि कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है। कंपनी के अधिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।