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रहने के लिए पहले से बेहतर हुआ शहर

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रहने के लिए पहले से बेहतर हुआ शहर
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प्रदूषण के खतरनाक स्तर से बाकी है जंग
गाजियाबाद। रहने लायक बेहतर शहरों की सूची में गाजियाबाद ने लंबी छलांग लगाई है। देश भर के 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले 49 शहरों की सूची में अपना गाजियाबाद शहर 30वें स्थान पर आ गया है। इससे पहले वह 46वें पायदान पर था। इस सूची में यूपी के ही प्रयागराज, आगरा, मेरठ समेत कई शहर गाजियाबाद से पीछे हैं। हालांकि लखनऊ और कानपुर ने गाजियाबाद से बढ़त बना ली है।
केंद्र सरकार की ओर से देश भर के 10 लाख से ज्यादा और 10 लाख से कम आबादी वाले 111 शहरों में ईज ऑफ लिविंग के लिहाज से वर्ष 2019-20 में सर्वे कराया था, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से लिस्ट देरी से जारी हुई है। 10 लाख से ज्यादा की श्रेणी में गाजियाबाद ने बेहतर प्रदर्शन किया है। मुख्य रूप से चार श्रेणी क्वालिटी ऑफ लाइफ, इकोनॉमिक एबिलिटी (आर्थिक क्षमता), सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) और सिटीजन परसेप्शन पर किए गए सर्वे में यह देखा गया है कि इन शहरों में रहने की गुणवत्ता की स्थिति कैसी है और विकास कार्यों का असर लोगों के जीवन पर कैसा पड़ा है। शहर में आर्थिक क्षमता कैसी है और रहन-सहन की सुविधाओं की गुणवत्ता में हुए सुधार को जनता कैसा मानती है। देश भर में अलग-अलग लोगों से फीडबैक भी लिया गया। पूर्व में गाजियाबाद की स्थिति बेहद खराब थी, गाजियाबाद इस सर्वे में 46वें स्थान पर था। अब दो साल में गाजियाबाद के रहन-सहन की सुविधाओं के स्तर में सुधार हुआ है। यही वजह है कि गाजियाबाद शहर अब 30वें पायदान पर पहुंच गया है। सुधार तो हुए हैं, हालांकि इस लिहाज से यूपी के ही लखनऊ, वाराणसी और कानपुर शहर गाजियाबाद से आगे हैं। म्युनिसिपल परफॉरमेंस की श्रेणी में गाजियाबाद 20वें स्थान पर रहा है। इस श्रेणी में सर्विस के मामले में गाजियाबाद को 73.92 अंक मिले हैं।
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सुरक्षा में लखनऊ-कानपुर से आगे, आर्थिक अवसर में पीछे
सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) की एक श्रेणी सेफ्टी एंड सिक्योरिटी में गाजियाबाद शहर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और कमिश्नरी क्षेत्र मेरठ, कानपुर, प्रयागराज से भी आगे है। हालांकि वाराणसी शहर सुरक्षा के लिहाज से गाजियाबाद से आगे है। इस श्रेणी में गाजियाबाद को 16वां स्थान, प्रयागराज को 11वां, कानपुर को 20वां, लखनऊ को 30वां और मेरठ को 45वां स्थान मिला है। वहीं आर्थिक अवसर (इकोनॉमिक अपॉर्च्यूनिटी) के क्षेत्र में गाजियाबाद शहर दिल्ली, लखनऊ व कानपुर से पीछे है। इस मामले में दिल्ली नंबर-1 पर है, जबकि यूपी के ही लखनऊ 18वें नंबर पर और कानपुर 25वें नंबर पर है। इस श्रेणी में गाजियाबाद का स्थान 27वां है।
पर्यावरण में पिछड़ गया शहर
पर्यावरण क्षेत्र में गाजियाबाद का स्थान देश भर के 49 शहरों में 44वां है। प्रयागराज इस श्रेणी में 20वें, वाराणसी 26वें, आगरा 36वें और कानपुर 39वें स्थान पर है। इस श्रेणी में मेरठ 46वें और लखनऊ 48वें स्थान पर रहा है। प्रदूषण के लिहाज से गाजियाबाद शहर अमूमन देश भर में पहले या दूसरे नंबर पर रहता है। ऐसे में इस क्षेत्र में गाजियाबाद में सुधार की जरूरत है। पर्यावरण बेहतर होता तो गाजियाबाद की रैंक में और सुधार हो सकता था।
मोबिलिटी में दिल्ली से बेहतर, स्वास्थ्य में पीछे
मोबिलिटी में गाजियाबाद की रैंक दिल्ली से बेहतर है। इस श्रेणी में सबसे आगे पहले नंबर पर चेन्नई है। दिल्ली इस श्रेणी में 28वें नंबर पर, हैदराबाद 34वें स्थान पर, बरेली 35वें नंबर और गाजियाबाद 14वें स्थान पर है। यानी वाहनों के आवागमन के स्तर में काफी सुधार हुआ है। हालांकि स्वास्थ्य के मामले में गाजियाबाद दिल्ली से काफी पीछे है। दिल्ली इस मामले में 23वें नंबर पर और गाजियाबाद 39वें नंबर पर रहा है। मेरठ इस मामले में 28वें नंबर पर और लखनऊ 45वें स्थान पर रहा है।
हरित क्षेत्र और बिल्डिंग में पिछड़ा
हरित क्षेत्र और बिल्डिंग के क्षेत्र में लखनऊ छठे पायदान पर है। आगरा 15वें स्थान पर है और गाजियाबाद इस मामले में 25वें स्थान पर रहा है। हालांकि कानपुर, मेरठ और प्रयागराज इसमें गाजियाबाद से पीछे हैं।
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शहर में रहन-सहन की सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है। यही वजह है कि गाजियाबाद की रैंक भी बेहतर हुई है। देश भर के शहरों में गाजियाबाद 30वें स्थान पर आ गया है। सुधार के कदम अभी भी बढ़ाए जा रहे हैं। आने वाले समय में गाजियाबाद में सुविधाओं का स्तर और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। - महेंद्र सिंह तंवर, नगर आयुक्त
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