मोदीनगर में ट्रैक पर बैठे किसान, रेलवे ने गाजियाबाद में रोकी ट्रेन
गाजियाबाद। रेल रोको आंदोलन के चलते बृहस्पतिवार को कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस ट्र्रेन बिना स्टॉपेज के भी पुराना गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर सवा घंटे तक खड़ी रही है। मोदीनगर में किसानों द्वारा रेल रोकने को लेकर रेलवे ट्रैक पर उतरने की सूचना मिलने पर पुलिस व प्रशासन हरकत में आया। रेलवे अधिकारियों को जानकारी दी गई कि अगर ट्रेन मोदीनगर में किसानों द्वारा रोकी गई तो स्थिति खराब हो सकती है। इसलिए ट्रेन को पुराना गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर ही रोक दिया गया। उधर, मोदीनगर में करीब चार घंटे तक किसान रेलवे ट्रैक पर जमे रहे। लोनी, साहिबाबाद और डासना रेलवे स्टेशन पर भी भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।
संयुक्त किसान मोर्चो की तरफ से घोषित रेल रोको अभियान के तहत किसान निर्धारित समय दोपहर 12 बजे मोदीनगर में रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। इसके पहले काफी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर किसान मुरादनगर व मोदीनगर क्षेत्र से निकले, जिन्हें सड़कों पर ही पुलिस व प्रशासन की टीम ने रोक लिया। बिना ट्रैक्टर-ट्रॉली के ही किसान रेलवे स्टेशन पर पहुंच पाए। पुलिस की तरफ से सभी मुख्य रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे लेकिन किसानों का फोकस सिर्फ मोदीनगर रेलवे स्टेशन पर था। जहां पर पुलिस ने काफी देर तक किसानों को ट्रैक पर न जाने से रोका लेकिन करीब साढ़े 12 बजे किसान ट्रैक पर उतर गए। हालांकि मेरठ व मुजफ्फरनगर में ट्रेनों को रोके जाने के कारण कोई भी ट्रेन मेरठ की तरफ से नहीं आ सकी। ऐसे में किसानों ने योजना बनाई कि पुरी (उड़ीसा) से चलकर ऋषिकेश तक जाने वाली कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन को रोका जाएगा। ट्रेन ढाई बजे पहुंचने थी लेकिन उससे पहले ही पुलिस व प्रशासन की टीम हरकत में आई। प्रशासन की तरफ से रेलवे अधिकारियों को जानकारी दी कि मोदीनगर में बड़ी संख्या में किसान जुटे हैं। वहां पर ट्रेन को रोके जाने की स्थिति में यात्रियों को काफी असुविधा होगी। ऐसे में ट्रेन को पुराने गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर ही रोक दिया जाए। उसके बाद रेलवे ने ट्रेन को रोकने का फैसला लिया।
दिल्ली से चलकर मेरठ में रुकनी थी ट्रेन
उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से चलकर मेरठ में रुकनी थी। ट्रेन का मेरठ पहुंचने का समय दोपहर साढ़े तीन बजे था लेकिन बिना स्टॉपेज के रोके जाने के कारण ट्रेन करीब सवा घंटे की देरी से मेरठ पहुंची। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर दोपहर 2:20 बजे ट्रेन रोकी गई जो दोपहर 3:35 पर रवाना की गई। किसान मोर्चा ने दोपहर 12 से शाम चार बजे तक ट्रेन रोकने का एलान किया था। ऐसे में जब तक ट्रेन मोदीनगर पहुंची तो रेल रोके जाने का समय पूरा हो गया था।
छावनी बने रहे रेलवे स्टेशन
किसानों के आंदोलन को देखते हुए सभी रेलवे स्टेशन पर पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। पुराना रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस के अतिरिक्त एक कंपनी पीएसी को भी तैनात किया गया। यहां पर रेल रोके जाने के वक्त एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह व सीओ सदर अभय कुमार मिश्र भी मौके पर पहुंचे। इसके अलावा डासना, मुरादनगर, साहिबाबाद और लोनी के रेलवे स्टेशनों पर भी भारी पुल बल तैनात किया गया था जो आंदोलन का समय खत्म होने तक स्टेशन पर ही तैनात रहा।
यात्रियों ने कहा, बातचीत से निकले समस्या का हल
ट्रेन रोके जाने के कारण उत्कल एक्सप्रेस के यात्री भी खासे परेशान रहे। यात्रियों की मिली जुली प्रतिक्रिया रही। कुछ यात्रियों ने कहा कि अब बहुत समय हो गया है आंदोलन को चलते हुए, अब आंदोलन खत्म होना चाहिए। तो कुछ यात्रियों ने कहा कि सरकार को किसानों की समस्या सुननी चाहिए और मिल बैठकर समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए।