थप्पड़ कांड में चौकी प्रभारी के बाद इंस्पेक्टर का भी तबादला
गाजियाबाद। एसएसपी मुनिराज जी. ने मंगलवार को सिहानी गेट थाने के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप त्रिपाठी का तबादला कर उन्हें साहिबाबाद थाना का प्रभार दे दिया। माना जा रहा है कि उनका तबादला थप्पड़ कांड में ही हुआ है। भाजपा नेताओं ने सोमवार को एसएसपी दफ्तर पर प्रदर्शन कर इसकी मांग की थी। बाद में दावा भी किया था कि एसएसपी ने इंस्पेक्टर पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, इसका आदेश जारी करने के बाद एसएसपी ने थप्पड़ कांड से न जोड़ते हुए रुटीन तबादला बताया है।
माना जा रहा है कि उन्होंने एक तीर से दो निशाने साधने की कोशिश की है। एक तरफ इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की भाजपाइयों की मांग पूरी कर दी। दूसरी ओर प्रदीप त्रिपाठी को बड़ा थाना देकर पुलिस में संदेश देने की कोशिश की है कि वह भाजपाइयों के दबाव में झुके नहीं। इससे पहले सोमवार को ही नासिरपुर पुलिस चौकी के प्रभारी राजकुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने नासिरपुर में चेकिंग के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महानगर मंत्री संदीप ठाकुर को थप्पड़ मार दिया था। संदीप भाजपा युवा मोर्चा के राजनगर मंडल अध्यक्ष सागर मिश्रा के साथ बीएसए दफ्तर जा रहे थे।
उन्होंने हेलमेट नहीं पहन रखा था। इस पर राजकुमार ने चालान काट दिया था। इसी पर हुई नोकझोंक के दौरान थप्पड़ मारा गया था। भाजपाइयों ने पहले नासिरपुर चौकी और फिर एसएसपी दफ्तर पर हंगामा प्रदर्शन कर चौकी प्रभारी के निलंबन के साथ इंस्पेक्टर प्रदीप त्रिपाठी को हटाने की मांग की थी। प्रदीप पर चौकी प्रभारी का पक्ष लेने का आरोप लगाया था।
आरोप : थप्पड़ मारकर चौकी में बिठाया
मामले में संदीप ठाकुर ने मंगलवार को पुलिस को अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि चौकी प्रभारी राजकुमार ने चालान काटने के लिए कहा तो वह स्कूटी से उतर गए। उनसे स्कूटी पर बैठने के लिए कहा गया। वह नहीं बैठे तो थप्पड़ मार दिया और चौकी में बिठा लिया। भाजपाइयों के आने पर उन्हें छोड़ा गया।
थप्पड़ नहीं मारा- चौकी प्रभारी
लाइन हाजिर किए गए चौकी प्रभारी राजकुमार का कहना है कि वह एसएसपी के आदेश पर चेकिंग कर रहे थे। संदिग्ध लगने पर स्कूटी सवार लोगों की चेकिंग की। इसके बाद हेलमेट न होने की वजह से चालान काटा तो वे लोग अभद्रता करने लगे। किसी को थप्पड़ नहीं मारा। वे स्कूटी से उतरकर जोर से बोल रहे थे तो उनसे स्कूटी पर बैठने के लिए कहा था।
एसपी सिटी से मांगी है रिपोर्ट
एसएसपी मुनिराज जी. का कहना है कि इंस्पेक्टर का तबादला रुटीन प्रक्रिया के तहत हुआ है। इसका थप्पड़ कांड से कोई लेना-देना नहीं है। थप्पड़ मारने के मामले में एसपी सिटी विभागीय जांच कर रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चौकी प्रभारी के निलंबन की मांग
चौकी प्रभारी राजकुमार को लाइन हाजिर कर दिए जाने से एबीवीपी के कार्यकर्ता संतुष्ट नहीं है। उन्होंने मंगलवार सुबह 11 बजे एसएसपी दफ्तर पर प्रदर्शन कर निलंबन की कार्रवाई किए जाने की मांग दोहराई। वे दफ्तर में घुसने लगे तो पुलिस ने रोक लिया। बाद में पांच लोगों ने अंदर जाकर एसएसपी को ज्ञापन दिया। महानगर सहमंत्री उदयन प्रभात ने बताया कि एसएसपी ने मामले में एसपी सिटी से रिपोर्ट लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। निलंबन होने तक वे चुप बैठने वाले नहीं है।
बड़ा सवाल : 23 दिन में तबादला क्यों
इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार त्रिपाठी को पुलिस लाइन से स्थानांतरित कर 12 जून को ही सिहानी गेट थाना का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया था। सवाल यह उठ रहा है कि अगर भाजपाइयों का दबाव नहीं है तो उनका 23 दिन में ही क्यों तबादला कर दिया गया? इन 23 दिनों में सिहानी थाना क्षेत्र में कोई बड़ी वारदात भी नहीं हुई है।