डीएमई मुआवजा घोटाले में दो और एफआईआर दर्ज
गाजियाबाद। दिल्ली - मेरठ एक्सप्रेसवे के जमीन अधिग्रहण के बाद बंजर जमीन का बैनामा कर सरकार से 22 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा हड़पने के आरोपी गोल्डी गुप्ता पर दो और मुकदमा दर्ज कराया गया है। हालांकि ये दोनों मुकदमे 45 साल पुराने मामले में दर्ज कराए गए हैं। आरोपी ने रसूलपुर सिकरोड़ा गांव में बंजर जमीन कागजों में हेरफेर कर अपने और समिति के नाम दर्ज कराकर बेचकर लाखों रुपये कमाए। क्षेत्रीय लेखपाल ने सिहानी गेट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। अशोक संयुक्त सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा बंजर जमीन का बैनामा कराकर बेचने के मामले अब तक 11 एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
लेखपाल नवीन कुमार त्यागी का कहना है कि रसूलपुर सिकरोड़ा में खसरा संख्या 49 बंजर भूमि में दर्ज है। जांच में पता चला कि अशोक संयुक्त सहकारी समिति लिमिटेड के अध्यक्ष गोल्डी गुप्ता ने जमीन का बैनामा कर डासना निवासी हाजी बशारुद्दीन व मोहम्मद शाहिद को यह जमीन बेच दी। वहीं खसरा संख्या 44 की जमीन का बैनामा शाहदरा निवासी अशोक वाडिया के नाम कर दिया।
सिहानी गेट थाना प्रभारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने बताया कि प्रशासन की ओर से गोल्डी गुप्ता, हाजी बशारुद्दीन, शाहिद और अशोक वाडिया के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पूरे मामले की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है।