फर्जी बिल बनवाकर तीन करोड़ की टैक्स चोरी करने वाली फर्म पकड़ी
गाजियाबाद। वाणिज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान टीम की जांच में लोहा मंडी की मेसर्स राज राजेश्वरी ट्रेडर्स में फर्जी बिल बनवाकर माल खरीदने और मसूरी- गुलावठी औद्योगिक क्षेत्र में मेसर्स एमएवी स्टील ट्रेडर्स में फर्जी चालानों के आधार पर करीब तीन करोड़ रुपये के आइटीसी वसूलने का मामला सामने आया है। टीम ने मौके पर पहुंचकर इनके दस्तावेज जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
वाणिज्य कर विभाग की टीम फर्जी बिल जारी करने वाली फर्मों की ऑनलाइन निगरानी कर रही है। बुधवार को दोनों फर्मों में फर्जीवाड़ा पकड़ में आया। जांच में सामने आया कि लोहा मंडी की मेसर्स राज राजेश्वरी ट्रेडर्स द्वारा दिल्ली की फर्म से ई-वे बिल लाया गया था। इसमें दिल्ली की फर्म की जांच की तो उसका पंजीयन बोगस फर्म होने के कारण निरस्त मिला। जांच में सामने आया कि कंपनी दिल्ली की फर्म से बिलिंग में बिक्री दिखा दी लेकिन कभी माल की कोई खरीद नहीं मिली। इस फर्म ने करीब 20 करोड़ रुपये की खरीद दिखाकर कंपनी ने तीन करोड़ रुपये इनकम टैक्स क्रेडिट वसूला है। विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा की टीम मौके पर पहुंची तो वहां कंपनी का शटर बंद मिला और गोदाम के पते पर ताला लगा मिला।
वहीं, मेसर्स एमएवी स्टील ट्रेडर्स में छापे के दौरान टीम ने मौके पर कच्चे माल, स्क्रैप और निर्मित माल के स्टॉक की जांच की और दस्तावेजों को भी कब्जे में लिया।
वाणिज्य कर विभाग की अपर आयुक्त अदिति सिंह ने बताया कि फर्जी फर्म बनाकर कर चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। दो फर्मों द्वारा फर्जीवाड़ा करने के मामले सामने आए हैं। ऐसे ही फर्जी बिलिंग करके करोड़ों रुपये की आइटीसी वसूली करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। जिले में ऐसी 25 फर्मों को चिन्हित किया गया है। उनकी जांच की जा रही है।