25 बोगस फर्मों से 93 करोड़ की फर्जी खरीद-फरोख्त
गाजियाबाद। जिले में बोगस फर्मों से करोड़ों के टैक्स की चोरी धड़ल्ले से की जा रही है। बृहस्पतिवार को केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर विभाग ने ऐसे ही एक बड़े मामले का खुलासा कर 25 बोगस फर्म बनाकर करीब 93 करोड़ की फर्जी खरीद-फरोख्त का खुलासा किया है। मामले में मास्टरमाइंड सहित दो लोगों को अधिकारियों ने गिरफ्तार कराया है। अफसरों का दावा है कि जांच में और भी बोगस फर्मों पर शिकंजा कसा जा सकता है। आरोपियों को घर से गिरफ्तार कर मेरठ सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज गया।
वैशाली निवासी सूर्य रस्तोगी और उनके साथी रोहित को सीजीएसटी विभाग ने गिरफ्तार किया है। दोनों ने अपनी फर्म के नाम पर 16 करोड़ की आईटीसी क्लेम की थी। मेरठ चीफ कार्यालय से सूचना मिलने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने वैशाली स्थित सूर्या और रोहित के घर पर रेड की। इनसे जुड़ी अन्य फर्मों की जांच के लिए दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और संभल में एक साथ 18 स्थानों पर छापेमारी की, जहां दोनों ने अपनी अन्य फर्म को कागजातों में दर्शाया था, लेकिन एक भी फर्म नहीं मिली। सूर्या रस्तोगी मैसर्स डीके एंटरप्राइजेज, सूर्या इंटरनेशनल, वेक्सो इम्पेक्स नाम से फर्जी फर्म चला रहा था, जबकि रोहित मैसर्स रुहान ओवरसीज और मैसर्स डीके एंटरप्राइजेज में उसका पार्टनर था। दोनों की फर्म इलेक्ट्रिकल आइटम्स में डील करते थे। अधिकारियों ने इनके घरों से फर्म के दस्तावेज, चेकबुक, इनवॉइस सहित अन्य रिकॉर्ड लेकर सीज कर दिए।
जांच जारी, बयान कराए दर्ज
केंद्रीय माल एवं सेवा कर आयुक्त आलोक झा के मुताबिक, सूर्या रस्तोगी इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है। उसी ने करीब 25 बोगस फर्मों को तैयार किया और बिना असल माल की खरीद-फरोख्त के 93 करोड़ की फर्जी इनवॉइस तैयार की। इसके दम पर ही 16 करोड़ की आईटीसी क्लेम की गई। सूर्या और रोहित को गिरफ्तार कर उनके बयान दर्ज किए गए।
बोगस फर्मों का गढ़ बना गाजियाबाद
सीजीएसटी विभाग ने करीब दो माह में फर्जी फर्म से 500 करोड़ से अधिक की चोरी पकड़ी है। विभाग ने जनवरी में क्रासिंग रिपब्लिक से व्यक्ति को गिरफ्तार को 200 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी थी। इसके बाद दिल्ली गेट से सात से अधिक फर्जी फर्मों का खुलासा विभाग ने किया। इस मामले में महिला सहित तीन को गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली गेट की ये फर्म भी इलेक्ट्रिकल्स आइटम की फर्जी खरीद-फरोख्त में थी।
ऐसे चल रहा है फर्जीवाड़ा
जिले में सक्रिय टैक्स माफिया बड़े पैमाने पर फर्जी टैक्स इनवॉइस तैयार करते हैं। इसके बाद आईटीसी क्लेम के लिए आवेदन करते हैं। कागजों पर चलने वाली फर्म अस्तित्व में न होने से आईटीसी मिलने के कुछ समय बाद अचानक से बंद भी हो जाती हैं। फर्जी बिल लगाकर ये फर्में एक-दूसरे से करोड़ों का लेन-देन कर इनवॉयस तैयार कर लेती है।
सूर्या और रोहित के घर से जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच चल रही है। इनकी बोगस फर्म की संख्या अधिक हो सकती है। सभी रिकॉर्ड्स की जांच कराई जा रही है।
- आलोक झा, आयुक्त, केंद्रीय माल एवं सेवा कर