वैक्सीन के गलत इस्तेमाल में लापरवाही पर पड़ी फटकार
गाजियाबाद। कोरोना टीकाकरण के दौरान केंद्रों पर वैक्सीन के इस्तेमाल में लापरवाही पर शासन ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को कड़ी फटकार लगाई है। शासन को सूचना मिली थी कि टीकाकरण के दौरान केंद्रों पर कोवीशील्ड वैक्सीन की लगभग 10 प्रतिशत और कोवैक्सीन की लगभग 16 प्रतिशत डोज खराब हो रही है। बताया गया कि मरीजों की संख्या डोज से कम होती है और ऐसे में बची हुई वैक्सीन खराब हो जाती है। इस मामले में सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता ने सभी केंद्रों को तभी वॉयल खोलने के निर्देश दिए हैं, जब उतने लोग केंद्रों पर मौजूद हों।
जिले में कोरोना वैक्सीनेशन का तीसरा चरण शुरू हो चुका है। इस चरण में बुजुर्गों और 45 वर्ष तक के गंभीर रोगियों का टीकाकरण किया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पहले और दूसरे चरण में वैक्सीन के खराब होने का प्रतिशत 10 और 16 था। जबकि तीसरे चरण में यह 7.11 और 12.34 प्रतिशत है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि कोवीशील्ड वैक्सीन की वॉयल में 10 डोज और कोवैक्सीन की वॉयल में 20 डोज होती हैं। पहले पांच से ज्यादा लाभार्थियों के आने पर वैक्सीन खोल ली जाती थी और अन्य लाभार्थियों का इंतजार किया जाता था। ऐसे में यदि अन्य लाभार्थी नहीं आते थे तो खुली हुई वैक्सीन खराब हो जाती थी। कोविड वैक्सीन पर अभी पोलियो वैक्सीन की तरह खराब होने संबंधी किसी तरह का निर्देशक नहीं है। जिसके चलते वैक्सीन के खुलने के बाद एक से दो घंटे तक ही उसे प्रयोग के योग्य माना जाता है। अब टीकाकरण केंद्रों के प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जब तक डोज की संख्या के बराबर लाभार्थी न हों, वॉयल को न खोलें।