नाबालिग से जबरन शादी कर किया दुष्कर्म, आजीवन कारावास
गाजियाबाद। मंदिर में पूजा करने गई नाबालिग को बहला फुसलाकर चंडीगढ़ ले जाकर जबरदस्ती शादी करने के बाद दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त राजा को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश महेंद्र श्रीवास्तव ने अभियुक्त पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया।
पॉक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक उत्कर्ष वत्स ने बताया कि 17 जून 2017 को लोनी बॉर्डर क्षेत्र में रहने वाली 13 वर्षीय लड़की घर के पास मंदिर में पूजा करने गई थी। पड़ोस में रहने वाला राजा उसे घुमाने फिराने के बहाने से बहकाकर अपने साथ ले गया था। नाबालिग के पिता ने लोनी बॉर्डर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने लड़की को मुरादाबाद से बरामद कर राजा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ के दौरान नाबालिग ने बताया कि राजा उसे यहां से चंडीगढ़ ले गया था। वहां उसने अपने दोस्तों की मदद से जबरदस्ती शादी की। लगातार तीन महीने तक दुष्कर्म किया। इसके बाद लड़की को अपने साथ मुरादाबाद ले आया। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो एक्ट कोर्ट में चली। बृहस्पतिवार को मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए अदालत ने राजा को दोषी मानते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।