फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र की लागत बढ़ी, अब 182 करोड़ में बनेगा

विज्ञापन
विज्ञापन
राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र की लागत बढ़ी, अब 182 करोड़ में बनेगा
विज्ञापन

गाजियाबाद। नंदग्राम में बनाए जाने वाले देश के पहले राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र की लागत अब 15 करोड़ और बढ़ गई है। प्रोजेक्ट देरी से होने की वजह से अब यह प्रशिक्षण केंद्र 182 करोड़ रुपये में बनकर तैयार होगा। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस ने इसकी संशोधित डीपीआर बनाकर शासन को भेज दी है। अब जल्द ही स्वीकृति मिलने के बाद इस प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
करीब ढाई साल पहले नंदग्राम में देश का पहला राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया था। प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए नंदग्राम में 51 हजार वर्ग मीटर जमीन चयनित की गई थी। इस जमीन को कब्जामुक्त कराने में करीब दो साल बीत गए। अभी भी पूरी जमीन खाली नहीं हो पाई है। ऐसे में अब सीएंडडीएस ने इस प्रशिक्षण केंद्र को 49 हजार वर्ग मीटर जमीन पर बनाने का निर्णय लिया है। पूर्व में डीपीआर बनकर तैयार हो जाने के बावजूद करीब दो साल तक निर्माण नहीं हुआ। इसकी वजह से अब लागत बढ़ गई है। कार्यदायी संस्था ने बीते दिनों इस प्रोजेक्ट की संशोधित डीपीआर तैयार करके सीएंडडीएस के उच्चाधिकारियों के पास भेजी थी। इस डीपीआर को स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

------
मृदा परीक्षण का काम हो चुका पूरा
राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण करने से पहले चयनित जमीन पर मृदा परीक्षण का काम पूरा हो चुका है। रुड़की आईआईटी के विशेषज्ञों ने यहां से सैंपल लेकर मृदा परीक्षण कराया था। इसकी रिपोर्ट काफी पहले आ चुकी है। मृदा परीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर ही तय किया जाता है कि यहां पाइल फाउंडेशन कितनी गहरी होंगी।
विज्ञापन

----
यह बनेगा राजनीतिक प्रशिक्षण केंद्र में
एकेडमिक ब्लॉक - ग्राउंड फ्लोर के अलावा 5 फ्लोर बनाए जाएंगे।
पुरुष हॉस्टल - ग्राउंड फ्लोर के अलावा 10 फ्लोर।
महिला हॉस्टल - पहले चरण में ग्राउंड फ्लोर के अलावा दो अन्य फ्लोर।
- वाहनों की ओपन पार्किंग
- प्रशासनिक ब्लॉक
- पूरे क्षेत्र के चारों ओर आरसीसी बाउंड्रीवॉल।
-------
कोट
संशोधित डीपीआर बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। जल्द ही इस पर स्वीकृति मिल जाएगी। संशोधित डीपीआर में निर्माण लागत करीब 15 करोड़ रुपये बढ़ी है। लैंड फिलिंग ज्यादा होने, स्टिल्ट पार्किंग और महिला हॉस्टल की फाउंडेशन में बदलाव का भी निर्माण लागत पर असर पड़ा है। - उमेश शुक्ला, प्रोजेक्ट मैनेजर, सीएंडडीएस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें