फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कभी सरहद की करते थे रखवाली, अब समाज सेवा में जुटे

विज्ञापन
कर्नल टीपी त्यागी। - फोटो : GHAZIABAD City
विज्ञापन
कभी सरहद की करते थे रखवाली, अब समाज सेवा में जुटे
विज्ञापन

गाजियाबाद। सरहद पर रहकर देश की सेवा करने वाले सैनिक अब रिटायर होकर समाज की सेवा में जुट गए हैं। कई ऐसे सैनिक हैं जो गरीबों के बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं तो कई लोगों को अन्य मुद्दों पर जागरूक कर रहे हैं। इन लोेगों का कहना है कि दूसरों की मदद करके उन्हें संतोष मिलता है। एक रिटायर सैनिक लोगों को स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं। वह लोगों को योग और आसन के फायदे बता रहे हैं। समाज को जागरूक और प्रेरित कर रहे ये सैनिक अन्य लोगों के लिए मिसाल हैं। आज आपको रूबरू कराते हैं ऐसी ही कुछ हस्तियों से।
झुग्गियों में रहने वाले बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं पूर्व कमांडिंग ऑफिसर राजेंद्र त्यागी
राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआइपी सोसायटी में रहने वाले वायु सेना के सेवानिवृत्त कमांडिंग ऑफिसर राजेंद्र प्रसाद त्यागी झुग्गियों में रहने वाले बच्चों को शिक्षित करने में लगे हुए हैं। इन्होंने इस काम में अपने साथ सोसायटी के ही कुछ सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी जोड़ लिया है। जरूरतमंद बच्चों को स्कूल का माहौल मिल सके इसलिए उन्होंने सभी के लिए ड्रेस भी बनवाई। फिलहाल उनका शिक्षा केंद्र एक फैक्टरी परिसर में संचालित होता है, लेकिन उन्होंने अभियान को विस्तार देने की ठानी है।
विज्ञापन

कर्नल टीपी त्यागी ने चुनी समाज सेवा
वीर चक्र विजेता कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी शहर की एक प्रसिद्ध सामाजिक शख्सियत हैं। उन्होंने बताया कि 20 साल पहले जब वह सेना से रिटायर हुए तो कर्नल रैंक और एमटेक होने के कारण उनके सामने कई यूनिवर्सिटी और दूसरी कॉरपोरेट कंपनियों से नौकरी के ऑफर आए, लेकिन उन्होंने समाज सेवा करने की ठानी। 15 साल से वह एओए और आरडब्ल्यूए के माध्यम से लगातार लोगों की समस्या उठा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय सैनिक संस्था बनाई। जो 1947 के बाद देश में शहीद हर सैनिक को सम्मानित करती है।
कोरोना काल में लोगों की सेवा कर रहे हैं राजेंद्र बगासी
राष्ट्रीय सैनिक संस्था से जुड़े राजेंद्र बगासी गढ़वाल रेजिमेंट से सेवानिवृत्त हैं। सामाजिक कार्यों की ओर रुझान के चलते वह राष्ट्रीय सैनिक संस्था से जुड़े। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सैनिक संस्था दूसरी संस्थाओं के साथ मिलकर राहत और सेवा कार्य भी करती हैं। कोरोनाकाल में भी उन्होंने लोगों की मदद की। उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिक कई प्रकार से दक्ष होता है। जिसका लाभ समाज को मिलना चाहिए। राजेंद्र बगासी कहते हैं कि जरूरतमंदों की मदद करने के बाद जो खुशी की अनुभूति होती है उसे बताया नहीं जा सकता है।
विज्ञापन

शिक्षा की अलख जगा रहे नौ सेना से रिटायर्ड कमांडर हरिशंकर शर्मा
1971 के युद्ध में शामिल रहे कमांडर हरिशंकर शर्मा नौसेना से सेवानिवृत्त हैं। वर्तमान में वह एक विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर भी हैं। वसुंधरा सेक्टर-3 निवासी 75 वर्षीय हरिशंकर शर्मा कई एनजीओ के साथ जुड़े हुए हैं। वह सेवानिवृत्ति के बाद लगातार शिक्षा व योग के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हरिशंकर शर्मा 60 से अधिक पुस्तकें लिख चुके हैं। पिछले कुछ समय से ऑनलाइन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को योग के बारे में भी जानकारी दे रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें