फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad: लापता बेटे की खोज में निकले पिता की हत्या, धारदार हथियार से किया था हमला, खेतों में मिला शव

Tue, 17 Sep 2024 03:27 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, लोनी (गाजियाबाद)

सार

ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र के बदरपुर गांव में लापता बेटे की खोज में निकले पिता राशिद की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई, और शव मंगलवार सुबह खेतों में मिला।
विज्ञापन
मृतक राशिद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र के बदरपुर गांव में चार दिन से लापता 10 साल के बेटे को तलाश करने घर से निकले राशिद का शव मंगलवार सुबह खेतों में मिला। राशिद पर धारदार हथियार से हमला किया गया है। सुबह वहां से गुजर रहे लोगों ने शव देखकर परिजनों को सूचना दी। चार दिन पहले मोबाइल चोरी के शक में पड़ोसियों ने लापता मृतक के बेटे को पीटा था। परिजनों ने पड़ोसियों पर शक जताया।

विज्ञापन


बदरपुर गांव में राशिद (38) परिवार के साथ रहते थे। वह ट्रॉनिका सिटी स्थित फैक्टरी में काम करतेथे। परिवार में पत्नी मोमिना, चार बेटियां और इकलौता बेटा सुफियान (10) है। मृतक के चचेरे भाई नौशाद ने बताया कि करीब 4 दिन पहले पड़ोसियों ने रशीद के बेटे सुफियान पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाया था। इसके बाद पड़ोसियों ने सुफियान को पकड़ लिया और उसके साथ पिटाई की। आरोपियों ने सुफियान को कट्टे में बंद कर दिया।

सूचना के बाद परिजन मौके पर पहुंचे उन्होंने अपने बेटे को छोड़ने के लिए कहा। इसके बाद आरोपियों ने सुफियान को पुलिस के हवाले कर दिया। परिजनों का आरोप है कि सुफियान को बाद में छोड़ दिया गया। तभी से सुफियान गायब है। सोमवार रात राशिद और उनकी पत्नी मोमिना बेटे के गायब होने की शिकायत पुलिस को देने गई थी। इसके बाद राशिद अपने बेटे को तलाश करने के लिए सोमवार रात घर से निकल गया। बुधवार सुबह घर से 100 मीटर की दूरी पर खेतों में शव मिला।
विज्ञापन


आसपास के लोगों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। शव रशीद का था। राशिद पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। रशीद के चेहरे और शरीर के अन्य अंगों पर चोट के निशान हैं। आसपास के लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से बात की। परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध जताया और शव मौके से उठने नहीं दिया। परिजन कार्रवाई की मांग करने लगे। करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस को समझाने पर परिजनों ने शव उठाने दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें