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Ghaziabad: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पहुंचे पीड़ित वकील, की ये मांगें; कोर्ट में पुलिस ने किया था लाठीचार्ज

Fri, 01 Nov 2024 12:18 PM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद

सार

गाजियाबाद जिला कोर्ट में पुलिस के द्वारा अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में पहुंचा है और अपने अधिकारों को लेकर अधिवक्ताओं ने राज्य सरकार से कुछ मांग की है।
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गाजियाबाद जिला कोर्ट में बवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिला कोर्ट में बीते दिनों हुए बवाल का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान जिला जज ने पुलिस बुलाए जाने और बेकसूर अधिवक्ताओं के ऊपर लाठी बरसाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायत की है।
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मानवाधिकार कार्यकर्ता एडवोकेट विष्णु कुमार गुप्ता ने बताया कि अधिवक्ता की भी अपनी मान मर्यादा है। वह ऑफिसर ऑफ द कोर्ट होता है। इस घटना से अधिवक्ताओं के अधिकारों, मान सम्मान, मर्यादा का हनन हुआ है। 

भरी अदालत में पुलिस द्वारा अधिवक्तागणों पर लात, घूंसे चलना, लाठी बरसाना अधिवक्ताओं की स्वायत्तता पर कुठाराघात है और इस प्रकार से अधिवक्तागण स्वतंत्र रूप से अपना कार्य नहीं कर पाएंगे। इसलिए उनके द्वारा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में एक याचिका लगाई गई है। 
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जिसमें मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार को आदेशित करने की प्रार्थना की गई है कि भविष्य में उक्त प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति ना हो और अधिवक्तागण निर्बाध रूप से कोर्ट रूम में अपना न्यायिक कार्य कर सकें।

प्रदेश की सिविल पुलिस एवं अन्य पुलिस बल के लिए रूल्स रेगुलेशन सृजित कर माननीय आयोग के समक्ष एक सप्ताह के अन्दर प्रस्तुत किया जाए। घटना में घायल प्रत्येक अधिवक्ता को 10-10 लाख का मुआवजा राज्य सरकार द्वारा दिया जाए। घायल अधिवक्ताओं का सामाजिक न्याय के तहत प्रतिष्ठित अस्पताल में राज्य सरकार की ओर से मुफ्त इलाज कराया जाए।
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