गाजियाबाद में सिपाही विपिन को कुचलने वाला हिस्ट्रीशीटर निकला। आरोपी ने 130 की गति से कार दौड़ाकर यातायात पुलिसकर्मी विपिन को टक्कर मारी थी। विपिन कुमार की वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुई थी।
गाजियाबाद में 22 अगस्त को विजयनगर क्षेत्र में डीएमई पर यातायात पुलिसकर्मी विपिन कुमार को कार से कुचलने वाला आरोपी विनीत मधुबन बापूधाम थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके पिता व चाचा की भी हिस्ट्रीशीट खुली हुई है।
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उसके खिलाफ मारपीट और चोरी के कुल छह मुकदमे दर्ज हैं। जब घटना हुई तो कार में उसका भाई सुमित भी सवार था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी अपनी लेन से हटकर अलग आया और उसने 130 की गति से कार दौड़ाई थी।
विपिन के भाई अक्षय ने बताया कि विपिन की शादी 2015 में हुई थी और 2016 में वह पुलिस में भर्ती हुए थे। उनकी दो बेटे व एक बेटी है। उनका आरोप है कि कार चालक व उसमें सवार दूसरे आरोपी ने शराब पी हुई थी। उनके भाई को जान बूझकर कुचला गया।
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उनकी सोची समझी साजिश के तहत हत्या की गई है। उधर पुलिस लाइन में विपिन को राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान पुलिस आयुक्त रविंद्र जे गौड़ समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
टक्कर इतनी तेज कि 50 मीटर दूर जाकर गिरे विपिन
एडीसीपी यातायात सच्चिदानंद ने बताया कि कार 130 गति से थी। टक्कर लगने के बाद विपिन उछलकर कार के बोनट पर जाकर लगे और वह करीब 50 मीटर दूर जाकर गिरे। उनके सिर में गंभीर चोट आई।
टक्कर लगते ही आरोपी कार को और तेजी से दौड़ाकर ले गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने विपिन कुमार को अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई थी। रविवार तड़के चार बजे विपिन ने दम तोड़ दिया।
सिपाही को सीओ समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने दी सलामी
बुलंदशहर के खुर्जा जंक्शन के विमला नगर कॉलोनी निवासी यातायात पुलिसकर्मी विपिन कुमार (32) का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सीओ खुर्जा पूर्णिमा सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने पुष्प अर्पित कर विपिन कुमार को श्रद्धांजलि और अंतिम सलामी दी।
वहीं घटना के बाद से घर में मातम पसरा हुआ है। विमला नगर कॉलोनी निवासी जगपाल ने बताया कि वह रेलवे विभाग से चालक के पद से सेवानिवृत्त हैं। उनके पांच बच्चे थे, जिसमें तीन बेटी व दो बेटे थे और बेटा विपिन कुमार उर्फ भूपेंद्र उर्फ लाला चौथे नंबर पर थे।
विपिन कुमार की वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुई थी। सबसे पहले वह पीएसी में रहे और इसके बाद यातायात पुलिस में ड्यूटी लग गई थी। वर्तमान में विपिन की तैनाती गाजियाबाद में थी।
'बेटा बोल रहा था मां आज दिल घबरा रहा है, रोक लेती तो जीवित होता मेरा लाला'
गाजियाबाद डीएमई पर हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले यातायात सिपाही विपिन कुमार शुक्रवार को ड्यूटी पर जाने के लिए अपनी मां से मना कर रहे थे। उनकी मां कमलेश देवी ने रोते हुए बताया कि बेटा बोल रहा था कि मां आज दिल घबरा रहा है, तबीयत ठीक सी नहीं है।
इस पर मां ने रुकने के लिए बोल दिया। इसके ही कुछ देर बाद गाजियाबाद में साथी पुलिसकर्मी का फोन आया। उन्होंने भी तबीयत ठीक नहीं होने पर घर पर आराम करने की सलाह दी। दोपहर तीन बजे विपिन कुमार बिस्तर से उठे और ड्यूटी के लिए तैयार होने लगे। मां कमलेश ने तबीयत के लिए पूछा तो विपिन ने कहा कि वह दवा ले लेंगे तो ठीक हो जाएगी।