फर्जी वेबसाइट बनाकर ब्लैक फंगस का इंजेक्शन दिलाने के नाम पर ठगी
गाजियाबाद। ब्लैक फंगस के इंजेक्शन दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को कविनगर और साइबर सेल की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ब्लैक फंगस वाले मरीजों के परिजनों से संपर्क करते थे। उसके बाद ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल, तीन एटीएम कार्ड व 74 हजार रुपये बरामद किए हैं। सीओ कविनगर एवं साइबर सेल के नोडल अधिकारी अभय कुमार मिश्र ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम सुमित व शिवम निवासी खोड़ा बताया है। आरोपियों ने बताया कि
कोरोना के बाद ब्लैक फंगस बीमारी आने पर उन्होंने एक नामचीन कंपनी की वेबसाइट तैयार की। उसके बाद ब्लैक फंगस का इंजेक्शन देने के लिए प्रचार प्रसार शुरू कर दिया। वेबसाइट पर देखकर लोगों ने संपर्क करना शुरू कर दिया। वेबसाइट पर दिए नंबर पर लोग संपर्क करते थे तो उन्हें खुद को कंपनी का मैनेजर बताते थे। लोगों को इंजेक्शन के बारे में भी जानकारी देते थे। आरोपी 10 इंजेक्शन की कीमत 1.20 लाख रुपये बताते थे। उसके बाद मरीज के परिजनों से रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कराकर नंबर बंद कर लेते थे। लोग उनसे संपर्क करने की कोशिश करते थे, लेकिन फिर संपर्क नहीं हो पाता था। बताया गया कि आरोपी अभी तक 12 लोगों से ठगी कर चुके हैं। पुलिस अन्य घटनाओं के बारे में भी जानकारी कर रही है। साथ ही यह पता लगा रही है कि इस घटना और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
- नामी कंपनी के नाम पर झांसे में आ जाते थे लोग
पुलिस ने बताया कि नामी कंपनी के इंजेक्शन होने के कारण लोग झांसे में आ जाते थे। परिजन मरीज की जान बचाने के लिए भटकते रहते थे। उसका आरोपी पूरा फायदा उठाते थे। परिजनों का लगता था कि बड़ी कंपनी के इंजेक्शन होने के कारण असर भी जल्दी होगा और मरीज जल्दी ठीक हो जाएगा।
- फर्जी प्रमाण पत्रों से खुलवाते थे बैंक में खाता
पुलिस ने बताया कि आरोपी फर्जी प्रमाण पत्र से बैंक में खाता खुलवाते थे। फर्जी आइडी पर ही सिम कार्ड लेते थे। उन्हें नंबरों से जरूतमंद लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें पूरी तरह से विश्वास में लेकर पैसा ट्रांसफर करा लेते थे। खाते में रुपये आते ही सिम बंद कर देते थे, जिसके बाद लोग परेशान होते थे।