गौरतलब है कि गाजियाबाद के सेवानगर निवासी शिवराज सिंह (56) की तबीयत खराब होने पर एमएमजी अस्पताल में कोरोना की जांच कराने 11:30 बजे आए थे। एंटीजन रिपोर्ट आने के बाद उनकी तबीयत भी अचानक बिगड़ गई। तेज बुखार के साथ ही सीने में दर्द से परेशान थे।
गाजियाबाद में कोरोना दिनों-दिन बढ़ता ही जा रहा है। संक्रमितों की संख्या रोजाना 500 के करीब पहुंच रही है। ऐसे में अस्पतालों के बाहर भी मरीजों की लाइन बढ़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। ऐसे में कई बार अस्पतालों की लापरवाही भी सामने आती है। ऐसी ही लापरवाही आज गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में सामने आई जब एक कोरोना के मरीज को अस्पताल ने जमीन पर तड़पने के लिए छोड़ दिया।
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हालांकि जब सीएमएस को पूरी घटना से अवगत कराया गया तो उन्होंने मामले संज्ञान लेते हुए सीने में दर्द की शिकायत कर रहे और बुखार से तड़प रहे मरीज को अस्पताल के बाहर सड़क से उठाते हुए भर्ती कराया।
गौरतलब है कि गाजियाबाद के सेवानगर निवासी शिवराज सिंह (56) की तबीयत खराब होने पर एमएमजी अस्पताल में कोरोना की जांच कराने 11:30 बजे आए थे। एंटीजन रिपोर्ट आने के बाद उनकी तबीयत भी अचानक बिगड़ गई। तेज बुखार के साथ ही सीने में दर्द से परेशान थे।
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दोपहर 12:30 बजे वह इमरजेंसी में इलाज के लिए गए तो वहां से भगा दिया गया। ज्यादा तबीयत खराब होने पर वह इमरजेंसी के बाहर ही लेट गए। 12:45 बजे अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनुराग भार्गव को मामले की जानकारी दी गई, तब उन्होंने स्वयं पहुंचकर मरीज को प्राथमिक इलाज दिलवाया। इसके बाद एम्बुलेंस से कोविड अस्पताल भिजवाया। शासन के निर्देश के बाद सामान्य ओपीडी बन्द होने के बाद शनिवार को अन्य मरीजों को भी इलाज में परेशानी हुई।