एक अगस्त से लागू होने जा रहे सर्किल रेट पर प्रशासनिक अधिकारी मंथन में जुटे हुए हैं। एक ओर जहां राजस्व का बड़ा लक्ष्य हैं, तो दूसरी ओर लगातार कम होती जा रही प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री से अधिकारी परेशान हैं। ऐसे में इस बार अधिकारियों ने कुछ इलाकों में सर्किल रेट घटाने पर विचार किया है।
प्रशासन उन क्षेत्रों के सर्किल रेट घटा सकता है, जहां विगत दो-तीन वर्षों से एक भी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री नहीं हुई।
एडीएम फाइनेंस ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में रजिस्ट्री की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
पिछले दिनों उन्होंने नई प्रस्तावित सूची पर आपत्तियां मांगी थीं। इसकी एवज में उन्हें कुल 25 आपत्तियां मिलीं। इनमें से कुछ आपत्तियां ऐसी भी हैं, जिनमें बाजार भाव के मुकाबले सर्किल रेट दोगुने बताए गए हैं। ज्यादा स्टांप ड्यूटी होने के चलते लोग रजिस्ट्री नहीं कराते। ऐसे ज्यादातर मामले लोनी के ग्रामीण क्षेत्र के हैं।
एडीएम फाइनेंस ने बताया कि इसी समस्या के चलते अब उन्होंने एआईजी स्टांप और सभी सब-रजिस्ट्रार को आदेश दिए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे इलाकों की सूची तैयार करें, जहां विगत दो-तीन वर्षों से कोई रजिस्ट्री ही नहीं हुई है। इन जगहों को चिन्हित कर डीएम से सलाह करने के बाद वहां सर्किल रेट घटाए जा सकते हैं।