एओए ने कोरोना के चलते रेजिडेंट को रिश्तेदारों को सोसाइटी में न बुलाने का जारी किया था आदेश
प्रशासन ने रजिस्ट्रार मेरठ को पत्र लिखकर पूछा, आरडब्ल्यूए को कहां से मिले अधिकार
मनमाने तरीके से रेजीडेंट्स का प्रवेश रोकने व उन पर जुर्माना लगाने का आदेश पारित करने वाली आरडब्ल्यूए के खिलाफ प्रशासन कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है। प्रशासन ने तीन प्रमुख आरडब्ल्यूए को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही रजिस्ट्रार चिट फंड मेरठ को भी पत्र लिखकर कहा गया है कि वो भी आरडब्ल्यूए से पूछें कि किस अधिकार के तहत उन्होंने आदेश पारित किया है।
प्रशासन ने माना है कि रेजीडेंट का प्रवेश रोकना, रिश्तेदारों व दोस्तों के आने पर जुर्माना वसूली का किसी भी आरडब्ल्यूए को अधिकार नहीं है। यह रेजीडेंट्स के निजी अधिकारों का हनन है। ऐसे मामलों में प्रशासन अब सख्ती से कार्रवाई करेगा।
नीलपद्म कुंज, रिवर हाइट्स और गौर ग्रीन एवेन्यू रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को थमाया नोटिस
जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय के निर्देश पर गौर ग्रीन एवेन्यू रेसीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन ऑफ नीलपदम कुंज व रिवर हाईट्स फेस-1 आरडब्ल्यूए राजनगर एक्सटेंशन को रेजीडेंट कमांडर एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट की तरफ से नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में पूछा गया है कि वो बताए कि उन्होंने किस अधिकार के तहत रेजीडेंट्स को रोकने व उन पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया।
वैशाली स्थित नीलपद्म की आरडब्ल्यूए ने नगरायुक्त की तरफ से जारी आदेश पर सोसायटी में रहने वाले उन डॉक्टर व मेडिकल स्टॉफ का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था जो कोरोना संकट के बीच दिल्ली में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि आदेश पर हंगामा हुआ, तो अगले दिन ही आरडब्ल्यूए ने उसे वापस ले लिया था। उधर रिवर हाईट्स की आरडब्ल्यूए ने जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया था।