प्रदेश में बनी भाजपा सरकार के तल्ख तेवर और सीएजी ऑडिट की चेतावनी से जीडीए अफसर घबराए हुए हैं और फिलहाल सेफ मोड में काम कर रहे हैं। यही वजह है कि जीडीए ने शहर में बनाए गए सभी छह ओपन जिम को प्राइवेट हाथों में देने की अपनी योजना टाल दी है। प्रदेश में सरकार न बदलती तो आचार संहिता खत्म होने के तत्काल बाद इन सभी जिम को प्राइवेट हाथों में लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू की जानी थी।
जीडीए ने शहर में छह स्थानों पर ओपन जिम बनाए हैं। करीब 500 से 600 वर्ग फीट पर बने इन ओपन जिम में 10 से 14 मशीनें लगाई गई हैं। तकरीबन 20 लाख की लागत वाले इस ओपन जिम बनाने का मकसद पार्कों में आने वाले लोगों को कसरत के लिए मशीनें उपलब्ध कराना है।
जीडीए ने यह ओपन जिम बना तो दिए हैं लेकिन इनका संचालन कर पाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में जीडीए के उद्यान विभाग ने जनवरी महीने में ही इन सभी ओपन जिम को लीज पर निजी हाथों में देने की प्लानिंग की थी।
आचार संहिता खत्म होने के बाद इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जानी थी। इससे पहले ही चुनाव रैली के दौरान प्रधानमंत्री के निशाने पर जीडीए की कार्यप्रणाली आ गई। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के कारण जीडीए अधिकारियों ने अपनी इस प्लानिंग को फाइल में बंद कर दिया है।
यहां बने हैं जीडीए के ओपन जिम
इंदिरापुरम ग्रीन पार्क
स्वर्णजयंती पार्क
वैशाली अंबेडकर पार्क
राम मनोहिर लोहिया पार्क राजेंद्र नगर
नेहरू स्टेडियम, नेहरू नगर
सेंट्रल पार्क
अपने स्तर पर संचालित करेगा जीडीए
जीडीए फिलहाल अपने स्तर पर ही इन ओपन जिम को संचालित करेगा। इसमें एक घंटे वर्क आउट करने के लिए लोगों को महज 10 रुपए देने होंगे। मासिक पास बनवाने पर महज 200 रुपए महीना देना होगा।
अधिकारी बोले
अभी ओपन जिम को लीज पर देने की प्लानिंग को टाल दिया गया है। जीडीए अपने स्तर पर इन जिम को संचालित करा रहा है। उच्चाधिकारियों के दिशा निर्देश पर आगे की प्लानिंग की जाएगी। - एसपी शिशौदिया