स्वच्छ भारत मिशन पर नगर निगम में ब्रेक लग गया है। निगम ने सरकार से मिले फंड से 15 सामुदायिक शौचालय तैयार तो करा लिए हैं लेकिन इन्हें संचालित करने के लिए कोई तैयार नहीं है। निगम के पास भी इन्हें संचालित करने के लिए संसाधन नहीं है। ऐसे में यह टॉयलेट्स बंद पड़े हैं।
शहर में सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों की संख्या मानकों के अनुरूप न होने पर एनजीटी ने नगर निगम को फटकार लगाई थी। इसके बाद निगम ने शहर में 63 सामुदायिक और 151 सार्वजनिक शौचालय बनाने की प्लानिंग की थी।
सामुदायिक शौचालयों के लिए केंद्र सरकार ने पैसा भी दिया है। शहर में 15 सार्वजनिक शौचालय तैयार हो चुके हैं। महापौर ने दो शौचालयों का लोकार्पण भी कर दिया है। बावजूद इसके इन शौचालयों पर ताला लटका है।
नगर निगम इन शौचालयों को संचालित नहीं करा पा रहा है। इनके संचालन के संबंध में निगम ने कोई पॉलिसी भी तैयार नहीं की है। ऐसे में अफसरों की लापरवाही से निगम के यह 15 सामुदायिक शौचालय बंद पड़े हैं। लोगों को इनका फायदा नहीं मिल रहा।
अधिकारी बोले
15 शौचालयों का निर्माण हमने पूरा कर दिया है। यह शौचालय स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर किए जाने हैं। अभी यह तय नहीं है कि शौचालयों का संचालन कौन करेगा।
- संजय सिंह चौहान, अधिशासी अभियंता, नगर निगम