गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की विभिन्न आवासीय व व्यावसायिक योजनाओं में रिक्त पड़ी करीब 10 हजार संपत्तियों के खरीदार नहीं मिल रहे हैं। बार-बार नीलामी में लगाने के बाद भी जब खरीदार नहीं मिले तो जीडीए ने कम ब्याज दरों में बेचने का निर्णय लिया है। 2005 से 2008 के बीच जनपद में जीडीए ने कई आवासीय योजनाएं लांच की थीं।
मधुबन-बापूधाम, कोयल एन्क्लेव, इंद्रप्रस्थ योजना समेत अन्य आवासीय योजनाओं में बहुमंजिला टावरों में फ्लैट बनाए गए थे।
जीडीए अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि गत दिनों कराए गए सर्वे में 1500 अनिस्तारित संपत्तियों समेत करीब 10 हजार संपत्तियां रिक्त पाईं गई हैं। इनमें फ्लैटों की संख्या सबसे ज्यादा हैं। बिक्री के लिए 10.7 फीसदी से घटाकर ब्याज दरों को 8.7 फीसदी कर दिया गया है।
किस्तों को देरी से जमा करने पर लगने वाले दंडात्मक ब्याज की दरों में भी एक फीसदी की कमी की गई है। तीन की जगह अब दो फीसदी ब्याज की दर कर दी गई है।