अवैध तरीके से संचालित स्कूलों पर जीडीए जल्द शिकंजा कसने जा रहा है। इसके लिए सभी जोन में सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। रिपोर्ट आने पर ऐसे स्कूलों को बंद और ध्वस्त कराने का अभियान चलाया जाएगा। माना जा रहा है कि जून के पहले हफ्ते में जीडीए ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर देगा।
बीते दिनों जीडीए को शिकायत मिली थी कि शहर में कुछ स्कूल बिना मानक के चल रहे हैं। इनमें से कुछ जहां बेसमेंट में संचालित हैं तो कुछ आवासीय क्षेत्रों के अंदर। जहां पर न आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था है और न ही अन्य संसाधन की। बच्चों के बैठने के लिए भी कमरे नहीं हैं और न ही खुला मैदान है।
इस पर जीडीए सचिव रवींद्र गोडबोले ने सभी प्रवर्तन जोन में स्कूलों का सर्वे कराने का निर्देश दिया था। अब तक के सर्वे में काफी स्कूलों का संचालन मानकों के विपरीत पाया गया है। ऐसे स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है। सर्वे में तीन प्रमुख आधार हैं, जिनमें पहले नंबर पर बेसमेंट में संचालन।
दूसरे नंबर पर आवासीय क्षेत्र में संचालन जबकि तीसरे नंबर पर अवैध निर्माण को रखा गया है। बताया जा रहा है कि नक्शे के विपरीत अवैध निर्माण करने वाले विद्यालयों की फेहरिस्त काफी लंबी है। वहीं, बेसमेंट में संचालित होने वाले स्कूल काफी संख्या में हैं, जिनमें प्ले स्कूलों सबसे अधिक बताए जा रहे हैं।
सचिव रवींद्र गोडबोले का कहना है कि सर्वे का काम तेजी से चल रहा है, अंतिम लिस्ट आने के बाद प्रवर्तन दस्ता अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाएगा।