गाजियाबाद। नगर कोतवाली क्षेत्र के रामप्रस्थ कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर रामप्रकाश हुरिया (84) को डिजिटल अरेस्ट कर 2.19 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले साइबर ठगों के एक साथी को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार शुभम सिंह यादव (37) निवासी श्रीनगर आलमबाग जनपद लखनऊ को टीम ने अजगैन जिला उन्नाव से गिरफ्तार किया है। शुभम यादव ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर सिंगापुर और कंबोडिया में बैठे अपने साथियों को पांच प्रतिशत कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता मुहैया कराया था। इसके खाते में 55 लाख रुपये ट्रांजक्शन कराए गए थे। इनमें से 19 लाख रुपये टीम ने फ्रीज करा दिए हैं।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि बुजुर्ग रामप्रकाश हुरिया से 22 मई से चार जून 2026 तक ठगी की गई थी। मनी लॉन्ड्रिंग का भय दिखाकर बुजुर्ग को आठ घंटों तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। जांच पड़ताल में शुभम सिंह यादव का नाम प्रकाश में आया। जिसे उन्नाव से गिरफ्तार किया है। बताया कि शुभम यादव एमबीए है और लीज पर होटल चलाता है। कंस्ट्रक्शन का भी काम करता है। शुभम के मुताबिक उसके अधिवक्ता ओंकार श्रीवास्तव ने लखनऊ मटियारी में मेडिकल स्टोर चलाने वाले आसिफ अंसारी के माध्यम से प्रयागराज निवासी हरिओम पांडेय से मुलाकात कराई थी। जिसने शेयर ट्रेडिंग प्लटेफॉर्म से ठगी करने की बाबत जानकारी दी और बैंक खाता ठगी के रुपये मंगाने के लिए कमीशन पर लिया। हरिओम पांडेय ने कंबोडिया और सिंगापुर में बैठे ठगों को खाते मुहैया कराए थे। बताया कि पीड़ित बुजुर्ग को कंबोडिया से व्हाट्सएप कॉल आई थी और सिंगापुर से खातों में धनराशि ट्रांसफर कराई गई थी।
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कंबोडिया में प्रदेश के सिम कराए मुहैया
एडीसीपी ने बताया कि बुजुर्ग से कंबोडिया और सिंगापुर से डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी की गई। जबकि जो सिम प्रयोग हुए हैं वह अमरोहा उत्तर प्रदेश, बहावलपुर (ओडिशा), फरीदाबाद व पंजाब से मुहैया कराए गए थे। शुभम यादव के साथी आसिफ अंसारी, ओंकार श्रीवास्तव और हरिओम पांडेय की टीम को तलाश है। बताया कि सिम जारी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
खातों से धनराशि हुई साफ, सूचना में लेटलतीफी
एडीसीपी ने बताया कि साइबर ठगी होने के 24 घंटों के अंतराल में सूचना देने पर 100 प्रतिशत धनराशि वापस कराई जा सकती है। या यूं कहे कि जब तक खातों से ठगी की धनराशि ट्रांसफर होने का प्रोसेसिंग पूर्ण नहीं होता, इससे पहले सूचना मिलते ही आरोपियों के खाते फ्रीज कराए जा सकते हैं। बुजुर्ग से हुई ठगी के मामले में जानकारी काफी समय बाद दी। ठगों ने तमाम धनराशि कई चैनलों द्वारा विदेशी एकाउंट और नकद निकालने के जरिये हजम कर ली है। ठगी के खातों की जांच पड़ताल में 19 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं।