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Ghaziabad News: फ्लैट दिलाने के बहाने डॉक्टर समेत दो लोगों से 44.28 लाख की ठगी

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साहिबाबाद। इंदिरापुरम और लाजपतनगर में फ्लैट और फ्लोर बेचने के नाम पर दो लोगों से 44.28 लाख रुपये की ठगी के मामले सामने आए हैं। एक केस में डॉक्टर से 17 लाख, जबकि दूसरे में गुरुग्राम निवासी से 27.28 लाख रुपये हड़प लिए गए। पुलिस ने 30 जून को दोनों मामलों में एंटी फ्रॉड सेल की जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर ली है।
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केस-1: एटीएस सोसायटी में 17 लाख की ठगी
इंदिरापुरम एटीएस सोसायटी निवासी डॉ. अभिनव अग्रवाल अपनी सेवानिवृत्त मां डॉ. माला त्रिपाठी के लिए फ्लैट तलाश रहे थे। जून 2025 में उनकी मुलाकात प्रॉपर्टी एजेंट प्रवीण कसाना से हुई। उसने सोसायटी के ही पीयूष जैन से मिलवाया। पीयूष ने अपना फ्लैट 3.45 करोड़ में बेचने का सौदा तय किया। डॉ. अभिनव ने जून से अगस्त 2025 के बीच पीयूष के खाते में 24 लाख रुपये अग्रिम भुगतान कर दिया। रजिस्ट्री की अंतिम तिथि 10 सितंबर 2025 थी। उस दिन तक न फ्लैट खाली हुआ, न रजिस्ट्री हुई। शक होने पर छानबीन की तो पता चला कि फ्लैट पहले से निजी बैंक में बंधक है। सौदा रद्द करने पर पीयूष ने 7 लाख लौटा दिए, लेकिन 17 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने पीयूष जैन और एजेंट प्रवीण कसाना के खिलाफ केस दर्ज किया है।


केस-2: लाजपतनगर में 27.28 लाख हड़पे

गुरुग्राम निवासी हरमिंदर सिंह ने लाजपतनगर के अरुण यादव और उनकी पत्नी पर 27.28 लाख की ठगी का आरोप लगाया है। अरुण ने बिल्डिंग के दूसरे फ्लोर को छत समेत 30 लाख में बेचने का सौदा किया था। 7 जुलाई 2025 को अनुबंध हुआ और 7 जनवरी 2026 को रजिस्ट्री तय हुई। इस दौरान हरमिंदर ने दंपती को ऑनलाइन 27.28 लाख का भुगतान कर दिया। 7 जनवरी को रजिस्ट्री कराने पहुंचे तो दंपती टालमटोल करने लगे। आरोप है कि अरुण की पत्नी ने गाली-गलौज की और दोनों ने रजिस्ट्री से साफ इनकार कर दिया।
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क्या बोले पुलिस अधिकारी
प्रभारी डीसीपी टीएचए धवल जायसवाल ने बताया कि दोनों मामलों में एंटी फ्रॉड सेल की जांच के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों को नोटिस भेजा गया है। तथ्यों व जांच के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
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