गाजियाबाद। पेट्रोल पंपों के साथ अब गैस एजेंसियां भी मापतौल विभाग की नजर में हैं। घटतौली रोकने के लिए विभागीय टीम गैस एजेंसियों के साथ हॉकरों का औचक निरीक्षण करेगी। पूर्व में विभाग ने कई हॉकरों के पास से गैस सिलेंडर की चेकिंग की और अधिकांश में घटतौली मिली थी।
मापतौल और आपूर्ति विभाग इन दिनों पेट्रोल पंपाें पर चेकिंग अभियान चला रहा है। मापतौल विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक हरीश प्रजापति ने बताया कि पेट्रोल के साथ रसोई गैस भी महत्वपूर्ण ईंधन है। गैस एजेंसियां और हॉकर अपने फायदे के लिए ग्राहकों को कम गैस देते हैं।
साथ ही सिलेंडरों की कालाबाजारी करते हैं। पूर्व में हॉकरों के गैस सिलेंडर की जब जांच की गई तो कई सिलेंडराें में घटतौली मिली थी। घटतौली होने पर जुर्माना भी लगाया गया। अब ये जांच अभियान फिर से शुरू किया जाएगा।
नियम पूर्वक सिलेंडर में जितनी गैस कम होनी चाहिए उससे अधिक गैस कम मिली तो संबंधित एजेंसी या हॉकर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभागीय टीम खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों की गैस एजेंसियों को चेक करेगी, क्योंकि सबसे ज्यादा गड़बड़ी यहीं मिलती है। विभाग सभी 65 गैस एजेंसियों की जांच करेगा।