गाजियाबाद। पत्नी की हत्या के आरोपी गैंगस्टर विकास अहलावत को नंदग्राम पुलिस पकड़ने में असफल साबित हुई। पुलिस की लापरवाही के चलते वर्ष 2011 में हुए एक सड़क हादसे के मामले में विकास अहलावत ने बृहस्पतिवार को मुजफ्फरनगर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। उसकी पत्नी पर भी गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था।
जिले की टीम उसके पैतृक गांव और ठिकानों का पता भी नहीं लगा सकी। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन की अजनारा इंटीग्रिटी सोसायटी में पत्नी रूबी की हत्या करने वाले गैंगस्टर विकास अहलावत ने बृहस्पतिवार को मुजफ्फरनगर कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। गैंगस्टर एक वर्ष पूर्व ही हत्या के मामले में जेल से छूटा था। घरेलू कलह के चलते पत्नी रूबी की मंगलवार की सुबह साढ़े सात बजे गोली मारकर हत्या कर दी थी। सीसीटीवी फुटेज में हत्यारोपी सोसायटी से निकलता दिखा। इसके बाद वह संपर्क मार्गों से होता हुआ मोदीनगर पहुंचा। लोकेशन ट्रेस की गई तो मोदीनगर में एक रात रुकने के बाद उसकी लोकेशन मुजफ्फरनगर में मिली थी। इसके बाद उसने मोबाइल फेंक दिया था। बृहस्पतिवार को सूचना मिली कि उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।
गैंगस्टर का सही पता भी मालूम नहीं कर पाई पुलिस : गैंगस्टर विकास अहलावत के खिलाफ हत्या, साजिश रचने और जानलेवा हमले सहित अन्य गंभीर धाराओं में तीन मुकदमे दर्ज हैं। सभी मामलों में विकास अहलावत को मोदीनगर के तिबड़ा गांव निवासी दर्शाया गया है, जबकि तिबड़ा में उसकी ससुराल है और मृतक रूबी उसी गांव की रहने वाली है। गैंगस्टर के एक करीबी ने बताया कि विकास अहलावत मूल रूप से गांव मछरी थाना दौराला जनपद मेरठ का रहने वाला है। विकास की मां की मौत के बाद पिता ने इसकी मौसी से शादी कर ली। उससे तीन संतान हैं, परिवार जनपद मुजफ्फरनगर की जाट काॅलोनी में रहता है। अलमासपुर में हुआ था सड़क हादसा
जनपद मुजफ्फरनगर के थाना मंडी क्षेत्र के गांव अलमासपुर में एक सड़क हादसा हुआ था। इसमें विकास को आरोपी बनाया गया। इस मामले में उसके वारंट हो चुके थे। पत्नी रूबी की हत्या करने के बाद गैंगस्टर विकास अहलावत ने वर्ष 2011 में हुए सड़क हादसे के मामले में मुजफ्फरनगर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है। इसमें गैंगस्टर के रिश्तेदार ने उसकी मदद की।