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Ghaziabad News: गैंगस्टर नाजिया के भाई की 75 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क

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संवाद न्यूज एजेंसी
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गाजियाबाद। पुलिस ने इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक लि.के ब्रांच मैनेजर राजीव चौहान और कर्मचारी नाजिया अख्तर के मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गैंगस्टर नाजिया के भाई फैजल अख्तर की 75 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की है।

एसीपी कविनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि चमन कॉलोनी निवासी नाजिया अख्तर के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। नाजिया अख्तर के नाम पर एक डीजल बस और एक टूरिस्ट बस का संचालन उसका भाई फैजल अख्तर करता था। मधुबन बापूधाम पुलिस ने शुक्रवार को दोनों बसों को कुर्क कर लिया है। दोनों बसों की कीमत 75 लाख रुपये है। बताया कि इससे पूर्व इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक लि. के ब्रांच मैनेजर और गिरोह के सरगना राजीव चौहान की उत्तराखंड के हरिद्वार कांगड़ी स्थित मकान को कुर्क किया था। जिसकी कीमत 3.10 करोड़ रुपये है। साथ ही नाजिया अख्तर की भी पूर्व में 2.40 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। ऐसे में इस गिरोह के दोनों सदस्यों की 6.25 करोड़ रुपये की संपत्ति अभी तक पुलिस कुर्क कर चुकी है।
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- ये है मामला

वर्ष 2019 में कविनगर थाने में इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक लि. के प्रतिनिधि सोमेश गंभीर ने राजीव चौहान और नाजिया अख्तर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में बताया कि राजीव चौहान इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक लि. में 20 अक्तूबर 2016 से पांच दिसंबर 2018 तक बतौर ब्रांच मैनेजर कार्यरत थे। राजीव चौहान ने मैसर्स शिव शंकर इलेक्ट्रिकल एंड कान्ट्रेक्टर के नाम 25 अप्रैल 2018 को 2.50 करोड़ रुपये को सॉल्वेंसी प्रमाणपत्र जारी कर दिया। जबकि इस संस्था के खाते में मात्र छह लाख रुपये थे। सॉल्वेंसी प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार बैंक मैनेजर को नहीं होता।
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राजीव चौहान से साजिश कर शंकर इलेक्ट्रिकल्स ने नोएडा में टेंडर प्राप्त कर लिए। आरोप है कि राजीव चौहान ने बैंक के ही कई ग्राहकों को बगैर अनुमति शंकर इलेक्ट्रिकल्स का गारंटर भी बना दिया। इसमें इसकी सहायता बैंक में कार्यरत कर्मचारी नाजिया अख्तर भी शमिल थी। जिससे बैंक को काफी नुकसान हुआ। वहीं, दूसरे मामले में राजीव चौहान और नाजिया अख्तर ने हरिद्वार स्थित एक प्रोजेक्ट में पैसा लगाने का झांसा देकर दो करोड़ 22 लाख रुपये हड़प लिए थे।
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