गाजियाबाद। सिद्धार्थ विहार स्थित गंगा-यमुना-हिंडन अपार्टमेंट में पिछले दो सप्ताह से गंगाजल की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से सैकड़ों परिवारों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि लोगों को मजबूरन बोरवेल के पानी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिसका टीडीएस करीब 1200 होने के कारण आरओ का पानी भी पीने योग्य नहीं रह गया है। ऐसे में अधिकांश परिवारों को बाजार से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है।
समस्या को लेकर जल निगम और उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जबकि सोसाइटी के निवासी दोनों विभागों के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप का खामियाजा भुगत रहे हैं। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष एएन त्रिपाठी ने बताया कि जल निगम का कहना है कि उसके पास गंगाजल की पर्याप्त उपलब्धता है और वितरण की जिम्मेदारी आवास विकास परिषद की है, जबकि परिषद का दावा है कि जल निगम की पाइपलाइन में एयर आने के कारण पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। मीडिया प्रभारी कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि विभागों के आपसी भ्रम के कारण गंगाजल संकट लगातार बना हुआ है।
उपाध्यक्ष रंजन शर्मा ने भी दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई। सोसाइटी की आरसीओ ऋचा त्यागी ने जिलाधिकारी को ई-मेल भेजकर मामले में हस्तक्षेप करते हुए दोनों विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर निर्बाध गंगाजल आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है। सोसाइटी के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे संबंधित विभागों के खिलाफ आंदोलन करेंगे।