मोहन नगर जोन की कालोनियों को गंगाजल मिलने का रास्ता साफ हो गया। 50 क्यूसेक गंगाजल प्लांट के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मिल गई है। इस प्लांट पर केंद्र सरकार 820 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
फिलहाल डीपीआर बनाने और शुरूआती कार्रवाई के लिए केंद्र ने 45 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। नगर निगम अब प्लांट के लिए सिकंदरपुर के आसपास जमीन की तलाश कर रहा है।
गंगाजल प्लांट का निर्माण जल निगम करेगा।
केंद्र सरकार से सहमति के बाद जल निगम के इंजीनियरों ने गंगाजल परियोजना की डीपीआर तैयार करनी शुरू कर दी है। डीपीआर बनने के बाद यूपी सरकार के माध्यम से इसे केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा।
अंतिम मुहर लगने के बाद प्लांट के निर्माण पर काम शुरू कर दिया जाएगा। मुरादनगर गंगनहर से साहिबाबाद तक गंगाजल लाया जाएगा और यहां से ट्रीटमेंट के बाद इसे मोहन नगर जोन की कालोनियों में सप्लाई किया जाएगा।
मोहन नगर जोन की कालोनियों में गंगाजल सप्लाई दिए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। गंगाजल मिलने से मोहन नगर जोन की आबादी की पानी की किल्लत दूर हो जाएगी।
इन कालोनियों को मिलेगा फायदा
राजेंद्र नगर, शालीमार गार्डन, लाजपत नगर, श्यामपार्क, डीएलएफ, जनकपुरी, तुलसी निकेतन, विक्रम एंक्लेव, भोपुरा, टीपी नगर, राजीव कालोनी, करहेड़ा, अर्थला, पसौंडा
भाजपा ने किया था आंदोलन
पानी की किल्लत के चलते भाजपा ने बीते वर्ष गंगाजल की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया था। रैली और धरना प्रदर्शन के साथ हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था। हस्ताक्षर पत्र केंद्र सरकार को भेजा गया था।
भाजपा के महानगर महामंत्री संजीव शर्मा ने बताया कि मेहनत सफल हुई। कई वर्षों से प्रयास किया जा रहा था, जिसमें अब कामयाबी मिली है। जनता को पानी की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। उनका कहना है कि काम जल्द शुरू कराने के लिए केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद वीके सिंह को पत्र लिखकर मांग की गई है।
अधिकारी बोले
केंद्र सरकार से गंगाजल प्लांट के लिए मंजूरी मिल गई है। उसके निर्माण के लिए जमीन तलाशी जा रही है। जल निगम जल्द ही प्लांट की डीपीआर तैयार कर लेगा। डीपीआर स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कर प्लांट का निर्माण शुरू कराया जाएगा। - आरके यादव, जलकल अभियंता, नगर निगम