सफाई और सालाना मेंटेनेंस के लिए मंगलवार आधी रात को हरिद्वार से गंगनहर को एक महीने के लिए बंद कर दिया जाएगा। इसके चलते टीएचए और नोएडा की गंगाजल आपूर्ति भी बंद हो जाएगी।
नगर निगम और नोएडा अथॉरिटी को अपने संसाधनों से कालोनियों में पानी की सप्लाई करनी होगी। गंगनहर बंदी का असर दोनों क्षेत्रों में बृहस्पतिवार से पड़ेगा।
पहले गंगनहर 10 अक्तूबर की रात से बंद की जानी थी, लेकिन रविवार तक बंदी की अनुमति के लिए कृषि आयुक्त का फैक्स हरिद्वार नहीं पहुंचा था।
अब सिंचाई विभाग ने 11 अक्तूबर से गंगनहर बंदी का फैसला लिया है। सिंचाई विभाग ने 9 नवंबर की रात को गंगनहर में पानी छोड़ने की बात कही है। करीब एक महीने तक वैशाली, वसुंधरा, इंदिरापुरम, कौशांबी और डेल्टा कालोनी के लोगों को गंगाजल नहीं मिलेगा।
गाजियाबाद से ही नोएडा को भी करीब 80 क्यूसेक गंगाजल दिया जाता है। गंगनहर बंदी के दौरान नोएडा को भी यह आपूर्ति नहीं मिल पाएगी। नोएडा की कालोनियों में भी लोगों को पानी का संकट झेलना पड़ेगा।
गाजियाबाद में गंगाजल बंदी के दौरान नगर निगम ने 39 छोटे-बड़े ट्यूबवेल से पानी सप्लाई करने पूरी तैयारी कर ली है। हालांकि इन दिनों में दोनों समय सिर्फ एक-एक घंटे आपूर्ति की जाएगी।
इसके अलावा 10 टैंकरों से भी कालोनियों में पानी की आपूर्ति की जाएगी। अवर अभियंता योगेंद्र यादव ने बताया कि 10 ट्यूबवेलों पर जनरेटर भी लगाए गए हैं, ताकि पावर कट के दौरान भी पानी आपूर्ति की जा सके।
11 अक्तूबर की रात 12 बजे हरिद्वार से अपर गंगा कैनाल बंद कर दी जाएगी। इस दौरान हर की पौड़ी और गंगनहर की सफाई व मेंटेनेंस कराई जाएगी। 9 अक्तूबर को गंगनहर चालू करने की प्लानिंग है, लेकिन इसमें बदलाव हो सकता है। - अरविंद यादव, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग