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गाजियाबाद के आगे डीएम भी लाचार, किससे करें फरियाद

Tue, 21 Feb 2017 11:35 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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जाम - फोटो : amar ujala
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शहर में लगने वाले जाम और अव्यवस्था के आगे डीएम भी लाचार हैं। सीमित संसाधन, बेतरतीब बढ़ता शहर, ऐसे में व्यवस्था बिगाड़ने वाले लाखों लोगों के  सामने चंद अधिकारियों और स्टाफ की कमी तमाम कोशिशों के बाद भी हालात को सुधरना तो छोड़िए, संभलने तक नहीं देती।

डीएम निधि केसरवानी की मानें तो दिल्ली से सटा होने के बाद भी गाजियाबाद की तुलना राजधानी से नहीं की जा सकती है। दिल्ली में सिस्टम काम करता है तो इसकी वजह यह है कि वहां मैन पावर गाजियाबाद के मुकाबले बेहतर है। जबकि शहर की व्यवस्था बिगाड़ने में यहां के लोग भी जिम्मेदार हैं।
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स्थानीय लोगों का सपोर्ट मिले तो शहर के जाम की समस्या खुद ब खुद खत्म हो जाए। दिल्ली की सीमा में प्रवेश करते ही सिर पर हेलमेट लग जाता है और लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं। यहां नजारा एकदम विपरीत होता है। चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद लोग नियमों का उल्लंघन करते हैं।
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डीएम ने बताया कि चुनाव के चलते शहर की फोर्स दूसरे जनपदों में भेजी गई है। ऐसे में जाम की समस्या बढ़ गई है।होली पर फिजा बिगाड़ने वालों पर रखी जा रही नजरचुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक दल व अन्य असामाजिक लोग होली पर माहौल नहीं खराब कर सकें, इसके लिए कुछ नामों की सूची भी तैयार की जा रही है।

डीएम ने कहा कि ऐसे लोग जो होली पर उत्पात मचा सकते हैं, उनकी अभी से निगरानी की जा रही है।
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