अंबेडकर प्रतिमा के अनावरण को लेकर भाजपा और बसपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। दोनों ओर से नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। बीजेपी कार्यकर्ताओं का गुस्सा मेयर को मूर्ति अनावरण करने से रोकने को लेकर था।
बसपाई मायावती के पिता और सर्वसमाज के प्रभारी प्रभुदयाल से अनावरण कराना चाहते थे। करीब 20 मिनट हंगामे के बाद शहर विधायक ने समझाकर दोनों पक्षों को शांत किया और संयुक्त रूप से अनावरण कराया।
नवयुग मार्केट में लगी डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पिछले दिनों असामाजिक तत्वों द्वारा खंडित कर दी गई थी। इसके बाद नई मूर्ति लगवाई गई थी। मंगलवार को उसके अनावरण के लिए मेयर अशु वर्मा को अंबेडकर जन्मोत्सव समिति ने निमंत्रण भेजा था।
वहीं बसपाइयों ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के पिता प्रभुदयाल को अनावरण के लिए बुलाया था। मेयर अशु वर्मा सुबह 10 बजे अपने समर्थकों के साथ पार्क में पहुंचे और अनावरण के लिए मूर्ति की ओर बढ़े।
इस पर बसपा कार्यकर्ताओं ने उनका रास्ता रोक लिया और अनावरण प्रभुदयाल से कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि मेयर कार्यक्रम के अतिथि रहेंगे। वहीं भाजपा कार्यकर्ता अनावरण मेयर से कराने और प्रभुदयाल को अतिथि बनाने की बात करने लगे।
इस पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। ऐसे में मेयर को बिना अनावरण के ही पीछे हटना पड़ा। दोनों पक्षों के कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे। तब तक प्रभुदयाल भी वहां पहुंच गए। मेयर ने अनावरण में भाग लेने से इंकार कर दिया। शोर-शराबा होने पर अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया।
शहर विधायक सुरेश बंसल ने दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को शांत किया और मेयर को हाथ पकड़कर अनावरण स्थल पर ले गए। मेयर अशु वर्मा और मायावती के पिता ने संयुक्त रूप से मूर्ति का अनावरण किया और नारियल फोड़ा।
इस दौरान बसपा जिलाध्यक्ष प्रेमचंद भारती, बौद्ध शिक्षा धम्म सभा के एड. शेर सिंह, कमल जाटव, गोपीचंद वर्मा, सफाई मजदूर संघ के प्रदीप चौहान, सिकंदर यादव, भाजपा नेता अनिल स्वामी, बलदेवराज शर्मा, सरदार एसपी सिंह, राजीव शर्मा, लवली कौर, अरुण जैन और मनवीर नागर आदि मौजूद रहे।
पूर्व सीएम के पिता बोले- अखिलेश अच्छे पर सरकार खराब
र्व मुख्यमंत्री मायावती के पिता प्रभुदयाल भी सीएम अखिलेश यादव के व्यक्तित्व के प्रशंसक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अच्छे हैं, लेकिन उनकी सरकार खराब है। अखिलेश यादव अपनी कार्यशैली में बदलाव कर लोगों को फायदा पहुंचाने वाली सरकार दे सकते हैं।
हालांकि उन्होंने दोहराया कि बसपा का शासनकाल सबसे अच्छा था, आने वाली सरकार मायावती की ही बनेगी। वह मंगलवार को नवयुग मार्केट में डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद अमर उजाला से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मायावती के कड़े निर्णयों और सख्त अनुशासन की प्रशंसा की।
प्रभुदयाल ने कहा कि अखिलेश यादव व्यवहार कुशल हैं, लेकिन उनकी सरकार जनकल्याण की नहीं है। विकास और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर सपा सरकार फेल है। प्रदेश के लोग बसपा की सरकार चाहते हैं। मायावती ही अगली सीएम बनेंगी।
उन्होंने कहा कि ‘बेटी को बचपन से ही अनुशासन का पाठ पढ़ाया था। इनका पालन भी कराया गया। पढ़ने-खेलने से लेकर सोने और जागने तक का समय निर्धारित किया था। तभी उनकी बेटी एक कुशल राजनीतिक हस्ती बनी। मायावती के यहां तक पहुंचने में सिर्फ संघर्ष ही नहीं अनुशासन का भी बहुत बड़ा हाथ है।’
उन्होंने बताया कि मायावती बचपन से ही जिद्दी थीं। ऐसे में उन्हें सख्त निर्देशों से ही अनुशासन में रखा गया। वह राह चलते हुए भी किसी गलत बात का विरोध करने लगती थीं। जनता केअधिकारों को लेकर अफसरों के सामने अड़ जाती थीं।
पिता का कहना था कि उनके इस व्यवहार पर पूरे परिवार को फख्र है। सख्त तेवरों से ही कानून का पालन कराया जा सकता है। यही कारण है कि आज भी बसपा शासन का विकास और कानून व्यवस्था याद किया जाता है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मतदान महत्वपूर्ण अधिकार है। आगामी चुनाव में प्रदेश के विकास और अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही मतदान करें। इस दौरान बसपा जिलाध्यक्ष प्रेमचंद भारती और शहर विधायक सुरेश बंसल मौजूद रहे।