अमिक के सिर में मारी गोली
एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि आरोपी विजय ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसने दोस्त अमित की हत्या रेस्तरां छिनने के डर से अपने पार्टर विपिन और कर्मचारी सागर के साथ मिलकर की थी। वह चारों गुरुग्राम से कार में सवार होकर साथ आए थे और रात में चाय-नाश्ता भी किया था। इसके बाद रात करीब 9:15 बजे कार हिंडन-कनावनी मार्ग पर लेकर गए। वहां पर कार रोकी और पीछे की सीट पर बैठे रेस्तरां कर्मचारी सागर ने पीछे से अमित के सिर पर नाइन एमएम की पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी।
तीन घंटे तक शव को लेकर घूमता रहा
विजय ने सागर और विपिन को दूसरी कार से गुरुग्राम भेज दिया और वह शव ठिकाने लगाने के लिए रह गया। वह शव लेकर हिंडन किनारे पहुंचा और कार खड़ी कर दी, लेकिन राहगीरों की नजर उस पर पड़ने लगी तो कार लेकर गाजियाबाद की सड़कों पर करीब तीन घंटे तक शव लेकर घूमता रहा। जब फिर हिंडन पर आया और शव ठिकाने नहीं लगा पाया और डर कर उसने पुलिस को कॉल कर दिया।
अमित लेना चाहता था रेस्तरां का टेंडर
एसीपी ने बताया कि विजय ने कहानी बताई कि दो युवक आए और गोली मारकर भाग गए, लेकिन उसकी कहानी ज्यादा देर टिक नहीं पाई और सख्ती से पूछताछ में उसने हत्या कराने की बात कबूल ली। विजय ने बताया कि अमित उसके रेस्तरां का टेंडर लेना चाह रहा था। उसी ने ठेकेदार भाटी से उसे रेस्तरां खाली करने का नोटिस दिलाया। इसी वजह से तीन माह पहले अपने पार्टनर विपिन और कर्मचारी सागर के साथ मिलकर उसने हत्या की साजिश रची थी।
सिर में फंसी है गोली
एसीपी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि गोली अमित के सिर में फंसी है। वहीं, हत्यारोपी की कार से 9 एमएम के कारतूस का खोखा बरामद हुआ है। पीड़ित परिजन की ओर से तीनों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करके भागे हुए दो आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के बाद भी कई राज सामने आएंगे।
21 जुलाई को हत्या करने से पहले रेकी करने आए थे तीनों आरोपी
पुलिस का दावा है कि हत्यारोपी विजय शर्मा और उसके दोनों सहयोगी कार से गाजियाबाद 21 जुलाई को रेकी करने आए थे। तीनों हिंडन नदी के आसपास अमित सैनी की हत्या करने के लिए जगह चिंहित की। चूंकि शव को हिंडन नदी में ही फेंकना था। विजय 22 जुलाई को अमित, विपिन और सागर के साथ गाजियाबाद रुपये लेने के बहाने से आया था। कनावनी-हिंडन मार्ग की रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया गया।