सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि उनको कारोबार करने के लिए जमीन की तलाश थी। तभी उनकी मुलाकात किसी पुराने परिचित के जरिये सुनील कुमार द्विवेदी, शकील व राजेश से हुई। आरोपियों ने अपना परिचय एक बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी के निदेशकों के रूप में दिया। इन लाेगों ने उनको मसूरी में एक प्लॉट दिखा दिया। प्लॉट पसंद आने पर उन्हाेंने पेशगी के तौर पर आरोपियों को तय किस्तों में 6.92 लाख रुपये दे दिए। बैनामे का दिन तय होने के बावजूद आरोपी बैनामा करने के लिए नहीं पहुंचे। जबकि, उन्होंने स्टांप भी खरीद लिए। आरोपी उनको टरकाते रहे। अब आरोपियों ने बैनामा करने से मना कर दिया। यह लोग प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर भी कई लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। इस मामले में उन्होंने पहले पुलिस को शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। परेशान होकर उन्होंने कोर्ट में गुहार लगाई। कोर्ट ने मसूरी पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। इस बारे में एसीपी लिपि नगायच ने बताया कि जांच कराई जा रही है।